विदेश की खबरें | एशिया-प्रशांत क्षेत्र में प्रभाव जमाने के लिए अमेरिका, चीन के शीर्ष रक्षा अधिकारियों में होड़
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज एक थिक टैंक ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ द्वारा यहां शांगरी-ला-होटल में आयोजित सम्मेलन को शुक्रवार की शाम संबोधित करेंगे।

अल्बनीज ने कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया की गहरी होती भागीदारी के साथ-साथ क्षेत्र में ‘‘साझा अवसरों और चुनौतियों’’ पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक ऐसा क्षेत्र चाहते हैं जो स्थिर, शांतिपूर्ण और समृद्ध हो।’’

अपने संबोधन से पहले, अल्बनीज ने सिंगापुर के उपप्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की और संवाददाताओं से कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध महत्वपूर्ण है।

वोंग ने कहा कि दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संघ में से कोई भी अमेरिका या चीन के बीच चयन नहीं करना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी उस स्थिति में नहीं फंसना चाहता जहां हमें या तो चीन को आगे बढ़ने से रोकना हो या अमेरिका की मौजूदगी को सीमित करना हो।’’

पेंटागन के अनुसार, अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन शनिवार को ‘‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व’’ पर एक संबोधन देंगे। चीन के नए रक्षा मंत्री ली शांगफू रविवार को बैठक को संबोधित करेंगे।

ऑस्टिन ने जापान से अपनी यात्रा शुरू की। जापान के प्रधानमंत्री, फुमियो किशिदा यूक्रेन पर रूसी हमले के खिलाफ एशिया के सबसे मुखर नेताओं में से एक रहे हैं।

अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि सिंगापुर में सम्मेलन के मौके पर, ऑस्टिन ने ‘‘एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अमेरिकी रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रमुख नेताओं से मुलाकात करने की योजना बनाई है।’’

सम्मेलन के बाद, ऑस्टिन ‘‘अमेरिकी और भारतीय सेनाओं के बीच परिचालन सहयोग’’ बढ़ाने सहित कई मुद्दों पर बातचीत के लिए अपने भारतीय समकक्ष से मिलने के लिए भारत की यात्रा करेंगे।

एपी

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