लखनऊ, 27 सितंबर भारतीय हैंडबॉल महासंघ (एचएफआई) के अध्यक्ष और महासचिव ने सार्वजनिक रूप से मतभेद उभरने के बाद अब देश में खेल की बेहतरी के लिए रविवार को साथ मिलकर काम करने का फैसला किया।
एचएफआई के अध्यक्ष एम रामसुब्रमणि ने कुछ दिन पहले महासचिव आनंदेश्वर पांडे को इस आधार पर निलंबित कर दिया था कि कई सदस्यों ने उनके खिलाफ गलत कार्यों की शिकायत की थी। पांडे ने इस निलंबन को ‘अवैध’ करार दिया था और आरोपों से इनकार किया था।
यहां कार्यकारी समिति (ईसी) की बैठक में हालांकि दोनों शीर्ष पदाधिकारियों ने मतभेदों को भुलाकर एक साथ काम करने का फैसला किया।
ईसी के 20 सदस्यों में 15 बैठक के लिए शारीरिक तौर पर उपस्थित थे जबकि दो ने ऑनलाइन तरीके से भाग लिया था। बैठक में हालांकि अध्यक्ष रामसुब्रमणि मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष जी सुरेश पिल्लई ने बैठक की अध्यक्षता की।
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पांडे ने कहा कि रामसुब्रमणि भारत में हैंडबॉल के विकास के लिए साथ मिलकर काम करने की उनकी अपील पर सहमति व्यक्त की।
उन्होंने कहा, ‘‘ अध्यक्ष एचएफआई संविधान तहत काम करने के लिए सहमत हुए। यहां प्रतिशोध की कोई जगह नहीं है ।’’
पांडे के मुताबिक बैठक में भारतीय ओलंपिक संघ के पर्यवेक्षक अभिजीत सरकार और जूम वीडियो के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल महासंघ के बैंदर मोहम्मद अल थैयब ने भी भाग लिया।
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