देश की खबरें | शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने संयुक्त कमान और नियंत्रण केंद्र बनाने पर विचार-विमर्श किया

नयी दिल्ली, चार सितंबर शीर्ष सैन्य कमांडरों ने बुधवार को ‘एकीकृत थिएटर कमान’ बनाने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर लखनऊ में गहन विचार-विमर्श किया और चीन तथा पाकिस्तान से लगी सीमाओं सहित समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों की समीक्षा की।

अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ में हो रहे पहले दो दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन के पहले दिन प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान की अध्यक्षता में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुखों तथा अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने प्रमुख रूप से संयुक्त कमान और नियंत्रण केंद्र तथा ‘लॉजिस्टिक्स’ नोड्स की स्थापना पर ध्यान केंद्रित किया।

जनरल चौहान ने अपने उद्घाटन भाषण में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए अभियानगत तैयारियों की आवश्यकता पर जोर दिया और तैयार एवं प्रासंगिक बने रहने तथा रणनीतिक स्वायत्तता प्राप्त करने के लिए आधुनिकीकरण की अनिवार्य आवश्यकता को रेखांकित किया।

संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन का विषय ‘सशक्त और सुरक्षित भारत: सशस्त्र बलों का परिवर्तन’ है।

थिएटर कमान शुरू करने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बीच वित्तीय योजना, साजो-सामान संबंधी संयुक्त बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न पहलुओं पर सशस्त्र बलों के बीच तालमेल सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श हो रहा है।

थिएटर बनाने से जुड़े मॉडल के तहत, सरकार थलसेना, वायुसेना और नौसेना की क्षमताओं को एकीकृत करना चाहती है तथा युद्धों और अभियानों के लिए उनके संसाधनों का इष्टतम उपयोग करना चाहती है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बृहस्पतिवार को सम्मेलन में शीर्ष स्तर के सैन्य नेतृत्व को संबोधित करेंगे।

रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘सम्मेलन बदलते अभियानगत परिवेश के अनुरूप भारत की सेना के भविष्य को आकार देने पर केंद्रित है।’’

मौजूदा सुरक्षा स्थिति और सशस्त्र बलों की रक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए जनरल चौहान ने विभिन्न क्षेत्रों में एकीकरण बढ़ाने के लिए संयुक्तता और भविष्य की योजना के महत्व पर जोर दिया।

मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, सीडीएस ने कहा कि भविष्य के युद्ध की रूपरेखा और ‘‘प्रभाव-आधारित अभियानों’’ के संचालन के लिए तीनों सेवाओं के बीच संयुक्तता महत्वपूर्ण है।

जनरल अनिल चौहान ने एकीकरण के प्रारूप पर कई उपाय शुरू करने के लिए सेना के तीनों अंगों की सराहना की।

मंत्रालय ने कहा कि जनरल चौहान ने उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए अभियानगत तैयारियों की आवश्यकता पर जोर दिया और तैयार तथा प्रासंगिक रहने एवं रणनीतिक स्वायत्तता हासिल करने के लिए आधुनिकीकरण की अनिवार्य आवश्यकता को रेखांकित किया।

कमांडरों ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा स्थिति की भी समीक्षा की।

जनरल चौहान बृहस्पतिवार को दिल्ली में एक शीर्ष स्तरीय त्रि-सेवा वित्तीय सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले हैं।

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