ताजा खबरें | पर्यटन क्षेत्र में भारत की भागीदारी बढ़ाने के लिए इसकी कर व्यवस्था की समीक्षा करें : समिति

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक स्थायी समिति ने यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र की कर व्यवस्था की समीक्षा करने की सिफारिश की है ताकि वैश्विक पर्यटन बाजार में भारत की भागीदारी को 1.24 प्रतिशत से बढ़ा कर पांच प्रतिशत किया जा सके।

नयी दिल्ली, चार फरवरी संसद की एक स्थायी समिति ने यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र की कर व्यवस्था की समीक्षा करने की सिफारिश की है ताकि वैश्विक पर्यटन बाजार में भारत की भागीदारी को 1.24 प्रतिशत से बढ़ा कर पांच प्रतिशत किया जा सके।

‘‘वैश्विक बाजार में भारतीय पर्यटन का प्रचार प्रसार - भारतीय दूतावासों और वैश्विक पर्यटन कार्यालयों की भूमिका’’ पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद टी जी वेंकटेश की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि मंत्रालय को भारत के लिए महत्वपूर्ण स्रोत बाजार में समय समय पर सर्वे कर, विदेशी पर्यटकों के भारत आने के फैसले पर प्रचार अभियानों के प्रभाव का आकलन करना चाहिए।

समिति के अनुसार, सर्वे के दौरान देश में विभिन्न पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं के बारे में विदेशी पर्यटकों के विचार तथा पर्यटन गंतव्यों और पर्यटन उत्पादों के बारे में उनकी पसंद नापसंद को भी देखा जाना चाहिए।

समिति ने संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में प्रस्ताव किया है कि मंत्रालय को अपनी वेबसाइट में भी इस प्रकार से बदलाव करना चाहिए ताकि उसका उपयोग करना अधिक आसान हो सके।

रिपोर्ट में समिति ने कहा है ‘‘मंत्रालय को पर्यटन को बढ़ावा देने और उसके प्रचार प्रसार के लिए एक ऐसी एकीकृत रणनीति बनानी चाहिए जिससे भारत विश्व में एक पसंदीदा पर्यटन गंतव्य बन सके और वैश्विक पर्यटन बाजार में भारत की भागीदारी को 1.24 प्रतिशत से बढ़ा कर पांच प्रतिशत किया जा सके।’’

समिति ने कहा है कि भारत में पर्यटन का समुचित दोहन न हो पाने के बड़े कारणों में से एक कारण यहां ऊंची दरें और कई तरह के कर हैं जिनकी वजह से अन्य देशों की तुलना में भारतीय पर्यटन पैकेज पर्यटकों के लिए बाधक बन जाते हैं।

आगे समिति ने कहा है कि होटल का किराया, हवाई किराया, खान पान की दरों पर लगने वाले कर की समीक्षा करना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से पर्यटन पैकेज महंगे हो जाते हैं और पर्यटक हमारी ऐतिहासिक धरोहरें देखने के लिए आने से बचते हैं।

रिपोर्ट में समिति ने कहा है कि भारतीय पर्यटन गंतव्यों में आए विदेशी पर्यटकों से 2019 में 2,11,661 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित हुई थी, इसके बावजूद देश में पर्यटन संबंधी कर व्यवस्था भारी-भरकम है जो बाधक बन रही है।

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