नयी दिल्ली, 10 जुलाई कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा को लेकर सोमवार को कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है और राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) हिंसा भड़काने वालों के साथ खड़ी नहीं है।
पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने यह भी दावा किया कि अगर यह हिंसा भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले राज्य में होती तो भाजपा हिंसा करने वालों के साथ खड़ी नजर आती।
वल्लभ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस का हमेशा मानना रहा है कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है...हम नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘वहां जिस पार्टी (टीएमसी) की सरकार है क्या वह दोषियों के साथ खड़ी है या दोषियों के खिलाफ खड़ी है? अगर भाजपा के शासन में ऐसा हुआ होता तो वह दोषियों के साथ खड़ी होती। ममता बनर्जी और (उनकी) सरकार ने यह नहीं कहा है कि वे दोषियों के साथ खड़े हैं, बल्कि वे दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं.. लोकतंत्र में हिंसा के लिए जगह नहीं है।’’
उन्होंने इसी से जुड़े एक अन्य सवाल पर कहा, ‘‘मुझे लगता है और हम देख भी रहे हैं कि पश्चिम बंगाल उन लोगों के साथ नहीं खड़ी है, जो हिंसा भड़का रहे हैं।’’
उधर, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार पर लगातार प्रहार कर रहे हैं।
कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष चौधरी ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंचायत चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों को राज्य में आने में देरी करने का निर्देश दिया था, ताकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को मतों की लूट करने में मदद मिल सके।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए शनिवार को 61,000 से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ था। कई स्थानों पर मतपेटियां लूट ली गईं या उनमें आग लगा दी गईं और उन्हें तालाबों में फेंक दिया गया, जिसके बाद हिंसा भड़क गई थी।
राज्य के ग्रामीण इलाकों की 73,887 सीट के लिए शनिवार को हुए मतदान में 5.67 करोड़ लोग मतदान के पात्र थे।
हक
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