देश की खबरें | टीएमसी ने मणिपुर में एक और महिला के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया

कोलकाता, 23 जुलाई तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रविवार को आरोप लगाया कि 15 मई को मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में एक और महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था।

टीएमसी ने कहा, ‘‘यदि इस तरह के क्रूर मामले एक महीने से अधिक समय के बाद लोगों के सामने आ रहे हैं, तो ‘‘जो अभी तक सामने नहीं आया है वह वाकई भयानक होगा।’’

मणिपुर की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए टीएमसी ने जातीय संघर्ष प्रभावित इस राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त होने का आरोप लगाया और चार मई की घटना का भी जिक्र किया जिसमें भीड़ द्वारा दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाया गया था।

विपक्षी दल का यह बयान उस खबर के बाद आया है जिसमें दावा किया गया है कि 15 मई को मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में 18 वर्षीय एक युवती का अपहरण किया गया, उस पर हमला किया गया और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था, और उसने 21 जुलाई को पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी।

तृणमूल कांग्रेस ने खबर के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘महिलाओं के एक समूह ने 18 वर्षीय एक लड़की को चार हथियारबंद लोगों को सौंप दिया। बाद में 15 मई को मणिपुर के इंफाल पूर्व में उसके साथ मारपीट की गई और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। यदि इस तरह के क्रूर मामले एक महीने से अधिक समय के बाद लोगों के सामने आ रहे हैं, तो जो अभी सामने नहीं आया है वह कितना भयानक होगा।’’

मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को आयोजित आदिवासी एकजुटता मार्च के दौरान हिंसा भड़कने के बाद से राज्य में अब तक 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं तथा कई अन्य घायल हुए हैं।

राज्य में मेइती समुदाय की आबादी करीब 53 प्रतिशत है और वे मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं। वहीं, नगा और कुकी समुदाय के आदिवासियों की आबादी 40 प्रतिशत है और वे पर्वतीय जिलों में रहते हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)