देश की खबरें | उत्तराखंड में वर्षाजनित हादसों में तीन लोगों की मौत, असम में बाढ़ के कारण एक की मौत
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 31 जुलाई उत्तराखंड में वर्षाजनित घटनाओं के कारण शुक्रवार को तीन लोगों की मौत हो गई और असम में बाढ़ के कारण एक और व्यक्ति की मौत हो गई।

इस बीच, बिहार में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और अब तक 47 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हुए हैं।

यह भी पढ़े | कर्नाटक के मंत्री बीसी पाटिल कोरोना वायरस से पाए गए पॉजिटिव: 31 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि बरसात के चार महीने के मौसम के दूसरे हिस्से में मॉनसून सामान्य रह सकता है।

मौसम विभाग ने 2020 में दक्षिण पश्चिम मॉनसून के दूसरे हिस्से (अगस्त-सितंबर) के दौरान वर्षा के अपने दीर्घकालिक पूर्वानुमान में कहा कि अगस्त में लंबी अवधि में वर्षा के औसत (एलपीए) की 97 प्रतिशत बारिश हो सकती है।

यह भी पढ़े | सुशांत सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया.

आईएमडी ने कहा, ‘‘मात्रा के आधार पर देखें तो इस मौसम के दूसरे हिस्से में पूरे देश में एलपीए की 104 प्रतिशत वर्षा हो सकती है जिसमें आठ प्रतिशत कम-ज्यादा की मानक त्रुटि शामिल है।’’

देश में 1961 से 2010 के बीच वर्षा का एलपीए 88 सेंटीमीटर था।

96 से 104 प्रतिशत के बीच एलपीए के मॉनसून को सामान्य माना जाता है।

देश में एक जून को केरल से मॉनसून की आमद हुई थी और 30 जुलाई तक देश में सामान्य से एक प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

मॉनसून 30 सितंबर तक रहता है।

बिहार में आपदा प्रबंधन विभाग ने शुक्रवार को जारी बुलेटिन में कहा कि राज्य में पिछले 24 घंटे में बाढ़ के कारण किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित हुए लोगों की संख्या में इस अवधि में पांच लाख से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। बाढ़ के कारण राज्य में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है।

विभाग ने बताया कि 14 जिलों की 1,012 पंचायतों में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 45.63 लाख हो गई है, जबकि इससे एक दिन पहले यह संख्या 39.63 थी।

उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी बारिश हुई है, जबकि हरियाणा में बारिश नहीं हुई है।

उत्तराखंड के टिहरी जिले में शुक्रवार तड़के भारी बारिश के कारण ऋषिकेश-चंबा-गंगोत्री राजमार्ग पर हिंडोलाखाल के पास ऑल वेदर परियोजना के एक पुश्ते का मलबा एक दो मंजिला मकान पर गिर गया। इस हादसे में मलबे में दबकर दो युवतियों समेत तीन लोगों की मृत्यु हो गयी ।

टिहरी के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि हिंडोलाखाल में बृहस्पतिवार रात्रि से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के कारण शुक्रवार तडके करीब चार बजे आल वेदर का पुश्ता भरभरा कर खेड़ागाड़ गांव के धर्म सिंह के मकान के ऊपर जा गिरा। इस दौरान वहां सो रहे धर्म सिंह पुत्र अंकित सिंह (19), पुत्री विनीता (28) और एक रिश्तेदार की पुत्री नीलम (22) मलबे में दब गए।

इस बीच, असम में कोकराझार जिले के गोसाईगांव में बाढ़ के कारण एक और व्यक्ति की मौत हो गई। राज्य में इस साल बाढ़ और भूस्खलन के कारण मारे गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 135 हो गई है।

उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान कुछ जगहों पर हल्की जबकि कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश हुई है। कई नदियां खतरे के निशान के करीब या पार पहुंच गयी हैं।

केन्द्रीय जल आयोग के मुताबिक गंगा, शारदा, घाघरा, राप्ती सहित प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है या फिर कुछ स्थानों पर खतरे के निशान को पार कर गया है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि सबसे अधिक 16 सेंटीमीटर बारिश बर्डघाट (गोरखपुर) और गुन्नौर (संभल) में रिकार्ड की गयी। सुल्तानपुर, पूरनपुर (पीलीभीत) और नरोरा (बुलंदशहर) में सात-सात, भाटपुरवाघाट (सीतापुर) में छह, बिजनौर में पांच, जबकि ककराही (सिद्धार्थनगर), मुरादाबाद और मवाना (मेरठ) में चार-चार सेंटीमीटर बारिया दर्ज की गई है।

विभाग ने बताया कि प्रदेश में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ इटावा सबसे गर्म स्थान रहा।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में कई जगहों पर बारिश हो सकती है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)