घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बताया कि शहर के एक व्यवसायी सत्य प्रकाश बरनवाल का काफी पुराना जर्जर दो मंजिला मकान अंसारी रोड पर स्थित है। इस मकान में काफी समय से किराये पर दिलीप गोंड (35) उनकी पत्नी चांदनी (30) और दो साल की बेटी पायल रहते थे। पति पत्नी दोनों मजदूरी कर भरण-पोषण करते थे।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार रविवार की रात पति, पत्नी और उनकी पुत्री भूतल पर कमरे में सोए थे। इसी दौरान सोमवार की सुबह अचानक मकान की छत बरसात की वजह से गिर गयी जिससे तीनों दब गए और उनकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि करीब तीन घंटे तक चले बचाव कार्य के बाद तीनों शवों को मलबे से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।
मौके पर पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी दमकल के साथ पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने जेसीबी की सहायता से करीब दो घंटे के प्रयास के बाद तीनों शवों को बाहर निकाला।
हादसे में गोंड की मां प्रभावती देवी बाल-बाल बच गयीं। बताया जाता है कि जिस वक्त मकान का छत धाराशाई हुई उस वक्त प्रभावती देवी बाहर गईं थीं, लेकिन सिर पर ईंट गिरने से घायल हो गईं हैं। जिनका उपचार कर दिया गया है और वह खतरे से बाहर हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने के निर्देश दिए है।
सं. जफर
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