नयी दिल्ली, 12 जनवरी लोकसभा की विशेषाधिकार समिति कांग्रेस के सांसदों के निलंबन को रद्द करने की सिफारिश कर सकती है क्योंकि उन्होंने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान अपने आचरण के लिए शुक्रवार को खेद व्यक्त किया।
कांग्रेस सदस्य अब्दुल खालिक, जे जयकुमार और विजयकुमार वसंत को शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा से निलंबित कर दिया गया और मामला विशेषाधिकार समिति को भेज दिया गया।
सूत्रों ने कहा कि ये तीनों सदस्य शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद सुनील कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली समिति के सामने पेश हुए और अपने व्यवहार के लिए खेद व्यक्त किया।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और खेद व्यक्त किया। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों का मानना था कि उनके खेद व्यक्त करने के साथ ही मामला खत्म हो जाना चाहिए। हम सदन से उनके निलंबन को रद्द करने की सिफारिश करेंगे।’’
इससे कांग्रेस के तीनों सांसदों के लिए 31 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में शामिल होने का रास्ता साफ हो जाएगा।
शीतकालीन सत्र के दौरान अशोभनीय आचरण के लिए 100 सदस्यों को लोकसभा से निलंबित कर दिया गया था उनमें से 97 का निलंबन सत्र के समापन की अवधि तक था, लेकिन खालिक, जयकुमार और वसंत के मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया था।
एक अन्य सूत्र ने कहा कि समिति सोमवार को अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप सकती है, जिससे कांग्रेस के तीन सांसदों का निलंबन रद्द करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष ने 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में हुई चूक के विषय पर गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग करते हुए संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया था।
हक
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