देश की खबरें | मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के तीन जवान शहीद, छह अन्य घायल
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इम्फाल, 30 जुलाई मणिपुर के चंदेल जिले में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में असम राइफल्स के तीन जवान शहीद हो गए और छह अन्य घायल हो गए। भारतीय सेना के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बुधवार शाम करीब 6.30 बजे भारत-म्यामां सीमा के पास चंदेल में खोंगताल इलाके में असम राइफल्स जवानों की गश्त के दौरान अराजक तत्त्वों ने आईईडी विस्फोट किया और जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी। उग्रवादी घात लगाकर हमला करने से पहले चट्टानों और पेड़ों के पीछे छिपकर जवानों के आने का इंतजार कर रहे थे।
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सेना के सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे हमलावर भाग गए।
शहीद हुए जवानों की पहचान प्रणय कालिता, रतन सलाम और मेथना कोन्याक के रूप में हुई है। सभी देश के सबसे पुरानी अर्धसैनिक बल की चौथी बटालियन के सदस्य थे।
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उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) अस्पताल, इंफाल भेजा गया है। घायलों को मणिपुर के कांगपोकपी जिले के एक सैन्य अस्पताल में भेज दिया गया है।
हमले की निंदा करते हुए, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इसे "कायरतापूर्ण कृत्य" कहा।
उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘‘मैं चंदेल जिले में 4 असम राइफल्स पर कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को मेरी श्रद्धांजलि।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह कायरता और क्रूरता का कृत्य है। मेरी संवेदना शहीद और उनके परिवारों के साथ है।’’
जवानों की हत्या पर शोक व्यक्त करते हुए असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि उग्रवाद किसी भी समस्या का समाधान नहीं करता है, लेकिन मामलों को और जटिल बनाता है।
तीन शहीद जवानों में से एक असम के बारपेटा जिले का रहने वाला था।
सोनोवाल ने कहा, ‘‘हमारे राज्य के एक बहादुर जवान की क्षति के बारे में जानकर दुखी हूं, जो उग्रवादियों के नृशंस हमले का शिकार हो गया। उग्रवाद किसी समस्या का हल नहीं है, बल्कि यह स्थिति को और जटिल बनाता है।’’
किसी भी संगठन ने अब तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
हालाँकि, सुरक्षा बलों को हमले में प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के शामिल होने का संदेह है।
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