जरुरी जानकारी | अप्रैल-जून में प्रमुख बंदरगाहों पर तापीय कोयले का आयात 35 प्रतिशत घटकर 1.77 करोड़ टन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों पर चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून की पहली तिमाही में तापीय कोयले का आयात 34.70 प्रतिशत घटकर 1.77 करोड़ टन रह गया। भारतीय बंदरगाह संघ (आईपीए) ने यह जानकारी दी है।
नयी दिल्ली, 12 जुलाई देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों पर चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून की पहली तिमाही में तापीय कोयले का आयात 34.70 प्रतिशत घटकर 1.77 करोड़ टन रह गया। भारतीय बंदरगाह संघ (आईपीए) ने यह जानकारी दी है।
कोविड-19 संकट की वजह से इस दौरान कोकिंग कोयले का आयात भी 28.49 प्रतिशत घटकर 1.06 करोड़ टन रह गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इन बंदरगाहों पर तापीय कोयले का आयात 2.71 करोड़ टन और कोकिंग कोयले का आयात 1.49 करोड़ टन रहा था।
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इन बंदरगाहों के ढुलाई आंकड़े रखने वाली आईपीए ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि पहली तिमाही में तापीय कोयले का आयात 34.70 प्रतिशत और कोकिंग कोयले का आयात 28.49 प्रतिशत घट गया।
देश का ऊर्जा क्षेत्र बिजली उत्पादन के लिए काफी हद तक तापीय कोयले पर निर्भर करता है। 70 प्रतिशत बिजली उत्पादन कोयला आधारित है। वहीं कोकिंग कोयले का इस्तेमाल मुख्य रूप से इस्पात विनिर्माण में होता है।
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चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है। देश में 299 अरब टन के कोयला संसाधन है। इनमें से करीब 123 अरब टन का पुष्ट भंडार है। भारत का कोयला भंडार 100 साल तक कायम रह सकता है।
देश के 12 प्रमुख बंदरगाह..कांडला, मुंबई, जेएनपीटी, मोरमुगाओ, न्यू मेंगलूर, कोचिन, चेन्नई, कामराजार (एन्नोर), वी ओ चिदंबरनार, विशाखापत्तनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) हैं। देश की कुल माल ढुलाई में इन बंदरगाहों का हिस्सा 61 प्रतिशत है।
अजय
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