ताजा खबरें | देश में दालों और सब्जियों सहित कुछ खाद्य सामग्री का अतिरिक्त उत्पादन हो रहा : सरकार

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने शुक्रवार को बताया कि देश में दालों और सब्जियों सहित कुछ खाद्य सामग्री का अतिरिक्त उत्पादन हो रहा है, साथ ही मोटे अनाज के निर्यात में 30 फीसदी की वृद्धि हुई है।

नयी दिल्ली, नौ फरवरी सरकार ने शुक्रवार को बताया कि देश में दालों और सब्जियों सहित कुछ खाद्य सामग्री का अतिरिक्त उत्पादन हो रहा है, साथ ही मोटे अनाज के निर्यात में 30 फीसदी की वृद्धि हुई है।

राज्यसभा में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करान्दलाजे ने प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र देश की 140 करोड़ की आबादी को अन्न मुहैया कराता है और देश की जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान 18 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि 2014 में कृषि क्षेत्र का बजट 27 हजार करोड़ रुपये था लेकिन केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने इसमें लगातार बढ़ोतरी की है और इस बार कृषि क्षेत्र के लिए एक लाख 25 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

करान्दलाजे ने कहा कि राज्यों को अलग अलग योजना के तहत राशि दी जाती है क्योंकि इसका उपयोग उन्हें करना है। ‘‘लेकिन अक्सर राज्य सरकारें परियोजना रिपोर्ट नहीं बनातीं अत: राशि उन्हें नहीं मिल पाती।’’

उन्होंने बताया कि 2014 में देश का कृषि उत्पादन 24.6 करोड़ मीट्रिक टन था जिसमें लगातार वृद्धि होती रही और अब कुछ खाद्य उत्पादों का अतिरिक्त उत्पाद भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल देश में दाल उत्पादन में 33.9 करोड़ मीट्रिक टन की बढ़ोतरी हुई तथा सब्जी और फल के उत्पादन में 35.5 करोड़ मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा ‘‘अब हम अतिरिक्त उत्पादन कर रहे हैं।’’

करान्दलाजे ने कहा कि कृषि का देश की जीडीपी में 18 फीसदी का योगदान है। उन्होंने कहा कि सरकार के उठाए गए कदमों का नतीजा है कि आज निर्यात में भारत पांचवे नंबर में है और 54 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ है।

उन्होंने बताया कि 11 करोड़ किसानों को अब तक किसान सम्मान निधि के तहत दो लाख 81 हजार करोड़ रुपये दिए गए। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना पूरे विश्व में नंबर एक है, क्योंकि इसके तहत पंजीकरण लगातार हो रहे हैं और एक लाख पचास हजार करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि 54000 किसानों को किफायत दर में मशीनरी दी गई। इसके साथ ही खाद सब्सिडी 2 लाख 50 हजार करोड़ रुपये की दी जा रही है। उन्होंने कहा ‘‘ये कारण हैं जिससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों बढ़ रहे हैं।’’

शोभा करान्दलाजे ने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि देश में मोटे अनाज के निर्यात में 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह उपलब्धि ‘इंटरनेशनल मिलेट ईयर’ मनाने के बाद हासिल हुई।

उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत खरीदे गए अनाज के बारे में बताया कि पहली बार देश में अधिक खरीदी हुई। 2014-15 में 281 लाख मीट्रिक टन गेहूं टन एमएसपी के तहत खरीदा गया था। लेकिन पिछले साल 432 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया और 50 लाख किसानों के खातों में इसी से पैसा दिलाया गया।

उन्होंने बताया कि एमएसपी के तहत पहले चावल 478 लाख मीट्रिक टन खरीदा गया था लेकिन बीते बरस इसमें 881 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी हुई।

एक अन्य पूरक प्रश्न के जवाब में करान्दलाजे ने बताया कि बजट में राज्यों को पैसा दिया जाता है क्योंकि उन्हें विभिन्न परियोजनाएं बनानी होती है। ‘‘लेकिन कई राज्य बार बार अनुरोध करने के बाद भी परियोजनाएं नहीं बनाते। ’’

उन्होंने बताया कि इसके लिए राज्यों में मुख्य सचिव की अगुवाई में एक राज्य स्तरीय समिति भी है।

करान्दलाजे ने बताया कि प्रधानमंत्री की हाल में की गई घोषणा के अनुसार, 30 हजार महिलाओं को ड्रोन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें से 15 हजार महिलाओं को ड्रोन और 50 हजार रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि उन्हें ड्रोन प्रशिक्षण, सब्सिडी, उपकरण और सहायक भी दिया जाएगा।

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