विदेश की खबरें | विद्रोह के बाद रूसी निजी सैनिकों के नेता प्रीगोझिन के ठिकाने और भाग्य को लेकर रहस्य बरकरार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मॉस्को, 27 जून (एपी) रूस में विद्रोह के बाद निजी सैन्य समूह ‘वैग्नर’ के नेता यावगेनी प्रीगोझिन के ठिकाने और उनके भाग्य को लेकर रहस्य मंगलवार को बरकरार रहा। इसके पहले राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर गत सप्ताहांत के निष्फल विद्रोह के ‘आयोजकों’ के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए उन्हें गद्दार करार दिया था और कहा कि ये विश्वासघाती लोग यूक्रेनी सरकार और इसके सहयोगियों के इशारे पर काम कर रहे हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

मॉस्को, 27 जून (एपी) रूस में विद्रोह के बाद निजी सैन्य समूह ‘वैग्नर’ के नेता यावगेनी प्रीगोझिन के ठिकाने और उनके भाग्य को लेकर रहस्य मंगलवार को बरकरार रहा। इसके पहले राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर गत सप्ताहांत के निष्फल विद्रोह के ‘आयोजकों’ के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए उन्हें गद्दार करार दिया था और कहा कि ये विश्वासघाती लोग यूक्रेनी सरकार और इसके सहयोगियों के इशारे पर काम कर रहे हैं।

क्रेमलिन ने कहा है कि 62 वर्षीय प्रीगोझिन को निर्वासन में बेलारूस भेजा जाएगा, लेकिन इसकी पुष्टि ना तो उन्होंने और न ही बेलारूस की सरकार ने की है।

बेलारूस की एक स्वतंत्र सैन्य निगिरानी परियोजना ‘बेलारुस्की हाजुन’ की ओर से कहा गया है कि प्रीगोझिन जिस विमान का इस्तेमाल करते हैं, वह कथित तौर पर मंगलवार की सुबह मिंस्क के पास उतरता दिखा।

हालांकि, प्रीगोझिन की मीडिया टीम ने अनुरोध के बावजूद इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

सप्ताहांत के दौरान प्रीगोझिन की छोटी अवधि की बगावत ने रूसी नेतृत्व को झकझोर कर रख दिया और इसे पुतिन के दो दशक से अधिक लंबे शासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती के रूप में देखा गया।

पुतिन ने सोमवार की रात टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित अपने संदेश में स्थिरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया और प्रीगोझिन का नाम लिये बगैर बगावत के ‘आयोजकों’ की आलोचना की।

उन्होंने संकट की इस बेला पर रूस की एकता की सराहना करने के साथ ही वैग्नर समूह के निजी लड़ाकों की भी तारीफ की।

इसके पहले प्रीगोझिन ने एक बगावती ऑडियो बयान जारी करके अपने कृत्य का समर्थन किया और उन्होंने एक बार फिर रूसी सेना पर तंज कसा। हालांकि, प्रीगोझिन ने साफ कर दिया कि वह पुतिन के खिलाफ विद्रोह नहीं चाहते।

प्रीगोझिन के भाग्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति है। क्रेमलिन ने बगावत को बढ़ावा देने के आरोप में उनके खिलाफ आपराधिक अभियोग नहीं चलाने का वादा किया है, लेकिन रूसी मीडिया ने सोमवार को अपनी खबर में बताया कि यह मामला बंद नहीं किया गया है।

यह भी नहीं स्पष्ट है कि क्या प्रीगोझिन अपनी निजी सेना को बरकरार रखने में समर्थ होंगे। अपने संबोधन में पुतिन ने प्रीगोझिन के लड़ाकों को रूसी रक्षा मंत्रालय की कमान के तहत आने, सेना छोड़ने या फिर बेलारूस जाने का प्रस्ताव दिया है।

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