देश की खबरें | विहिप ने हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने की मांग की

पणजी, 17 अप्रैल विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने पश्चिम बंगाल में ‘‘हिंदुओं के खिलाफ हाल की हिंसा’’ को लेकर की ममता बनर्जी सरकार पर निष्क्रियता बरते जाने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।

दक्षिण गोवा के मडगांव में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विहिप महासचिव मिलिंद परांडे ने कहा कि उनका संगठन हिंसा की निंदा करने और राष्ट्रपति शासन लगाये जाने की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए 19 अप्रैल को देशभर के सभी जिलों में प्रदर्शन करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग को लेकर हम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपेंगे। हम 19 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शनों के दौरान संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से यह मांग रखेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘विरोध प्रदर्शन करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती... मुर्शिदाबाद, मालदा और सिलीगुड़ी में हिंदुओं को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मामले में सिर्फ खोखली बातें कर रही हैं। उन्हें अपने उन मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, जो आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं।’’

परांडे ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने संविधान विरोधी टिप्पणी की है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘वक्फ (संशोधन) कानून का फायदा उठाकर मुर्शिदाबाद से हिंदुओं को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थिति गंभीर रूप से चिंताजनक है।’’

विहिप नेता ने यह भी दावा किया कि हिंसा में पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में फैले बांग्लादेशियों समेत ‘स्लीपर सेल’ की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संशोधित वक्फ अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 11 और 12 अप्रैल को मुर्शिदाबाद के कुछ इलाकों में हिंसा भड़क उठी थी। हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हो गये थे। इसके बाद इलाके में पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई।

परांडे ने कहा कि प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान हाल में आयोजित विहिप की बैठक में संगठन ने ‘‘राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान’’ शुरू करने का संकल्प लिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘इस अभियान का उद्देश्य मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराना तथा हिंदू धार्मिक संस्थानों को अधिक स्वायत्तता प्रदान करना है।’’

उन्होंने कहा कि विहिप नवंबर में ‘हितचिंतक अभियान’ चलाएगी, जिसका लक्ष्य एक करोड़ से अधिक नये सदस्य बनाना है।

परांडे ने कहा, ‘‘हिंदू आबादी का असंतुलन पूरे देश के लिए खतरनाक है। यहां तक ​​कि गोवा के राज्यपाल (पी एस श्रीधरन पिल्लई) ने भी राज्य में इसी तरह की स्थिति का उल्लेख किया है। उन्होंने गोवा में ईसाई आबादी के प्रतिशत में भारी गिरावट और मुस्लिम आबादी के प्रतिशत में खतरनाक वृद्धि का उल्लेख किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम गोवा में इसका ज्वलंत उदाहरण देख रहे हैं। विभिन्न राज्यों से गोवा में मुसलमानों का अचानक आना और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में उनका व्यवस्थित रूप से बस जाना, नापाक इरादे को दर्शाता है और अधिकारियों को जनसंख्या में इस तरह के असंतुलन पर ध्यान देना चाहिए।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)