देश की खबरें | शासन का अंतिम उद्देश्य लोगों को सशक्त बनाना होना चाहिए: नायडू

नयी दिल्ली, चार अगस्त उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि शासन प्रणाली का अंतिम उद्देश्य लोगों को सशक्त बनाना और न्यूनतम सरकार की ओर बढ़ना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह तभी होगा जब अंतिम लक्ष्‍य प्राप्‍त कर लिया गया हो और निचले पायदान पर खड़े लोग वहां पहुंच चुके हों।

उपराष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार सुशासन की सफलता मेहनतकश जनता को विकास की प्रक्रिया में शामिल करने और समान हितधारक बनाने में निहित है।

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान द्वारा यहां आयोजित किए जा रहे एक पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सुशासन की कुंजी समावेशिता, प्रौद्योगिकी का उपयोग और उच्च नैतिक मानकों को बनाए रखना है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी पारदर्शिता को बढ़ावा देती है और इस तरह जवाबदेही तय होती है जो सुशासन की मूल विशेषता है, जबकि नैतिक मानक वैधता प्रदान करते हैं।’’

उपराष्ट्रपति ने उम्मीद जताई की कि ये दोनों मिलकर परिवर्तनकारी सुधार लाने के लिए जमीन तैयार करने वाली एक नई राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत करेंगे।

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