मुंबई/पुणे, 22 फरवरी भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने मंगलवार को दावा किया कि बॉलीवुड अभिनेता दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक दिवंगत दिशा सालियान की मौत के पीछे की सच्चाई 7 मार्च के बाद सामने आ जाएगी।
उधर, दिशा के परिवार के सदस्यों ने कहा कि नेता सालियान की मौत संबंधी परिस्थितियों पर सवाल उठाकर उनकी छवि को धूमिल कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले, केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता नारायण राणे ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने दिशा सालियन की मौत के संबंध में कुछ दावे किए थे।
राणे ने दावा किया था कि राजपूत और सालियान दोनों की हत्या की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सालियान के साथ बलात्कार किया गया था। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत प्रस्तुत नहीं किया था।
अट्ठाईस वर्षीय दिशा सालियान ने 8 जून, 2020 को उपनगरीय मलाड में एक ऊंची इमारत से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। इसके छह दिन बाद 34 वर्षीय राजपूत उपनगरीय बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में फंदे से लटके पाए गए थे।
हालांकि, दिशा के परिवार के सदस्यों द्वारा की गई भावनात्मक अपील के बावजूद इस मुद्दे पर दावे-प्रतिदावे किए जा रहे हैं। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि दिशा की मौत के पीछे की सच्चाई 7 मार्च के बाद सामने आ जाएगी।
पाटिल ने कोल्हापुर में संवाददाताओं से कहा, ''...दिशा सालियान मामले पर कोई राजनीति नहीं हो रही। 7 मार्च के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। चिंता न करें। सभी सबूत सामने आएंगे। कौन शामिल था, किसे जेल जाना होगा ... (सबकुछ सामने आ जाएगा)। सालियान मामले में जो हुआ वह फिलहाल सामने नहीं आया है, लेकिन यह 7 मार्च के बाद सामने आएगा।''
इससे पहले दिन में, दिशा सालियन की मां वसंती सालियान ने नेताओं से भावनात्मक अपील की कि वे उनकी बेटी की मौत संबंधी परिस्थितियों पर सवाल उठाकर उसकी छवि धूमिल न करें।
वसंती सालियान ने मुंबई में अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, ''मैंने अपनी इकलौती बेटी को खो दिया। ये लोग हमें बदनाम कर रहे हैं। वे मेरी बेटी का नाम अपनी राजनीति में घसीट रहे हैं। यह रुकना चाहिए। हमें शांति से रहने दीजिये।''
वसंती सालियान ने मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर को शिकायत पत्र सौंपकर अनुरोध किया है कि सालियन परिवार के सदस्यों को परेशान या बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने पेडनेकर और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग (एमएससीडब्ल्यू) की एक टीम की मौजूदगी में कहा, ''अगर ऐसा चलता रहा तो हम कुछ कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।''
वहीं, पेडनेकर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और उनके विधायक बेटे नितेश द्वारा दिए गए बयानों से सालियान के परिवार के लोगों को मानसिक आघात का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई और मुंबई पुलिस की जांच रिपोर्ट, दिशा सालियन की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और यहां तक कि उनके परिवार के सदस्यों में भी ''अविश्वास'' दिखाया गया है।
महापौर ने संवाददाताओं से कहा, ''नारायण राणे और उनके बेटे नितेश दिशा की मौत के दो साल बाद भी बार-बार बयान दे रहे हैं, जिससे दिशा के माता-पिता आहत और नाराज हैं।''
इस बीच, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग (एमएससीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने सालियान की मौत पर हो रही राजनीति पर खेद व्यक्त किया ।
चाकणकर ने यहां मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा, “यह बहुत खेदजनक है कि एक महिला (सालियन) की मौत पर राजनीति की जा रही है। मालवानी पुलिस ने पहले ही मामले की प्राथमिक जांच कर ली है और अब हम उनकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगी।''
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग सालियन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
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