जरुरी जानकारी | राज्यों के कुल ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी वर्ष 2029-30 में बढ़कर 43.33 प्रतिशत हो जाएगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राज्यों की नवीकरणीय ऊर्जा खरीद बाध्यता (आरपीओ) या उनके कुल ऊर्जा में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2022-23 के 24.61 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2029-30 में 43.33 प्रतिशत हो जाएगी। सरकार ने मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, एक अगस्त राज्यों की नवीकरणीय ऊर्जा खरीद बाध्यता (आरपीओ) या उनके कुल ऊर्जा में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2022-23 के 24.61 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2029-30 में 43.33 प्रतिशत हो जाएगी। सरकार ने मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी।
केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि चालू वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान, राज्यों के लिए कुल आरपीओ 27.08 प्रतिशत है जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 29.91 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025-26 में 33.01 प्रतिशत हो जाएगा।
इससे पता चलता कि उनके कुल ऊर्जा में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2022-23 में 24.61 प्रतिशत से बढ़कर वित्तवर्ष 2029-30 में 43.33 प्रतिशत हो जाएगी।
सिंह ने सदन को बताया कि सरकार वर्ष 2030 तक हरित ऊर्जा संसाधनों से कुल बिजली उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत हासिल करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए राज्यों द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद के दायित्व निर्धारित किए गए हैं।
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