देश की खबरें | गैस सिलेंडर की कीमत में कटौती के पीछे विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की हताशा : ललन

पटना, 30 अगस्त बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने बुधवार को कहा कि कई राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा द्वारा महसूस की जा रही ‘हताशा’ के कारण केंद्र ने रसोई गैस की कीमतों में 200 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की है।

जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने यह भी दावा किया कि चुनाव खत्म होने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार 600 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है।

ललन ने पीटीआई-वीडियो से कहा, ‘‘उन्होंने (केंद्र ने) कटौती की घोषणा पहले क्यों नहीं की? चुनाव के दौरान वादे करना और बाद में यह कहकर उनसे मुकर जाना कि ये ‘‘जुमले’’ हैं, भाजपा की आदत बन गई है।’’

जद (यू) प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाला राजग विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस) से घबरा गया है। इसकी पहल नीतीश कुमार ने की थी।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह हताशा जुलाई में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राजग की बैठक में प्रकट हुई। उसी दिन ‘इंडिया’ भी बेंगलुरु में अपनी बैठक आयोजित कर रहा था।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद से राजग की बैठकें आयोजित करने की परवाह नहीं की थी।

जद (यू) प्रमुख ने बिना सांसद/विधायक वाली पार्टियों पर भरोसा करने के लिए भाजपा नीत राजग का मजाक उड़ाया और दावा किया कि ‘‘हताशा’’ ने मुंबई में ‘‘इंडिया’’ की बैठक के मद्देनजर महाराष्ट्र में राजग सहयोगियों को उसी दिन एक और बैठक बुलाने के लिए प्रेरित किया है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह वही हताशा है जिसने उन्हें रसोई गैस की कीमतों में कटौती करने के लिए प्रेरित किया है। उन्हें पता होना चाहिए कि कीमतें इतनी अधिक हैं कि उज्ज्वला योजना के 95 प्रतिशत लाभार्थी अपने सिलेंडरों के लिए रिफिल प्राप्त करने में असमर्थ हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद 600 रुपये प्रति सिलेंडर कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।

ललन ने उन अटकलों के बारे में पूछे गए सवाल को टाल दिया कि शिरोमणि अकाली दल और इंडियन नेशनल लोकदल इस सप्ताह के अंत में ‘‘इंडिया’’ गठबंधन की बैठक में भाग ले सकते हैं।

विपक्षी गठबंधन ‘‘इंडिया’’ में नए दलों के शामिल होने से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए जदयू अध्यक्ष ने कहा, ‘‘देखा जाएगा’’। इसे लेकर हाल ही में नीतीश कुमार ने संकेत दिए थे।

ललन ने यह भी आरोप लगाया कि जाति सर्वेक्षण पर उच्चतम न्यायालय के समक्ष केंद्र की प्रस्तुति ने ‘‘भाजपा के ओबीसी विरोधी और आरक्षण विरोधी रुख को उजागर कर दिया है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)