जरुरी जानकारी | विदेशों बाजारों में गिरावट के साथ खाद्यतेल तिलहन के भाव टूटे

नयी दिल्ली, 11 मई विदेशी बाजारों में खाद्य तेलों के भाव टूटने के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सभी तेल-तिलहनों कीमतों में गिरावट रही। इससे सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट आई।

इस बीच, सरकार ने 30 जून तक एक सीमित मात्रा में सूरजमुखी और सोयाबीन तेल के शुल्क मुक्त आयात को जारी रखने की अधिसूचना जारी की है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सस्ते आयातित तेलों की बहुतायत होने के कारण देश के किसान और पेराई मिलें बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। सरसों (तिलहन) 5,450 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) होने के बावजूद आज दिल्ली के नजफगढ़ और नरेला मंडी में इसके 4,400-4,500 रुपये क्विन्टल के भाव पर कोई लिवाल नहीं था।

किसानों की उपज सस्ते आयातित तेलों की भरमार होने के बीच खप नहीं पा रहे हैं जिससे वे काफी हतोत्साहित हैं। केवल छोटी जोत वाले किसान ही मजबूरीवश अपनी उपज बेच रहे हैं। इसलिए मंडियों में सरसों की आवक कम है। सरसों के बड़े किसान अपनी उपज को स्टॉक कर रखा है और दाम सुधरने का इंतजार कर रहे हैं। इस स्थिति के कारण इस बार सरसों का काफी स्टॉक बचा रह जाने की संभावना है और अगली बार किसान तिलहन खेती करने के बारे में कई बार सोचेंगे।

सूत्रों ने कहा कि दिल्ली में सरसों तेल मिल वाले खुदरा दुकानदारों को 102-103 रुपये लीटर के भाव सरसों तेल बेच रहे हैं। किसानों से एमएसपी से 20 प्रतिशत नीचे दाम पर सरसों खरीदने के बावजूद उनके खाद्यतेल (सरसों) का भाव, सस्ते आयातित तेल से महंगा बैठ रहा है। बिनौला और सरसों तेल मिलें तो अपने कर्मचारियों की संख्या भी अब घटा रहे हैं।

मलेशिया एक्सचेंज में 4 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि शिकागो एक्सचेंज कल रात कमजोर बंद हुआ था औ फिलहाल यहां गिरावट है।

सूत्रों ने आशंका व्यक्त की कि सस्ते आयातित तेल के कारण देश में तिलहन खेती ठप कराकर, पेराई मिलों को बंद कराने के बाद यही निर्यातक और बहुराष्ट्रीय कंपनियां इन्हीं सस्ते तेलों का दाम बढ़ा दे तो क्या होगा ?

सूत्रों ने कहा कि कोलकाता में चावल भूसी का प्रीमियम तेल (राइस ब्रायन) 90 रुपये लीटर बेचा जा रहा है और खुदरा में ज्यादा से ज्यादा यह तेल 120 रुपये लीटर के भाव बिकना चाहिये। लेकिन सरकार के जोर देने के बाद पैकरों ने अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) को पहले के 190 रुपये लीटर से घटाकर 170 रुपये किया है। इसी प्रकार मूंगफली तेल के एमआरपी को 245 रुपये लीटर से घटाकर 240 रुपये लीटर किया गया है। मूंगफली तेल का अधिकतम भाव, सारे अधिभार एवं तमाम खर्चे एवं मुनाफे को जोड़कर 185 रुपये लीटर होना चाहिये।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 4,950-5,050 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,660-6,720 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,480 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,485-2,750 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,585-1,665 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,585-1,695 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,850 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,950 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,200 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,250 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,350-5,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,100-5,180 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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