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जरुरी जानकारी | आयात शुल्क मूल्य, विनिमय दर बढ़ने से विदेशों में खाद्यतेलों के भाव टूटे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि किये जाने से विदेशों में खाद्यतेलों के भाव टूटते दिखाई दिये जिससे दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन, कच्चा पॉम तेल और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आ गई। वहीं मांग बढ़ने से सरसों तेल एवं मूंगफली तेल तिलहन तथा बिनौला तेल कीमतों में सुधार रहा।

जरुरी जानकारी | आयात शुल्क मूल्य, विनिमय दर बढ़ने से विदेशों में खाद्यतेलों के भाव टूटे

नयी दिल्ली, 17 सितंबर देश में खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि किये जाने से विदेशों में खाद्यतेलों के भाव टूटते दिखाई दिये जिससे दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन, कच्चा पॉम तेल और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आ गई। वहीं मांग बढ़ने से सरसों तेल एवं मूंगफली तेल तिलहन तथा बिनौला तेल कीमतों में सुधार रहा।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सरकार ने बुधवार रात को आयात शुल्क मूल्य की गणना में डालर-रुपये की विनिमय दर को 74.40 रुपये प्रति डालर कर दिया जिससे कच्चा पॉम तेल का आयात शुल्क मूल्य 20,807 रुपये प्रति टन हो गया। इसमें 126 रुपये प्रति टन की वृद्धि हो गई जबकि सोयाबीन डीगम तेल का आयात शुल्क मूल्य 24,453 रुपये प्रति टन और पामोलीन तेल का 30,933 रुपये प्रति टन हो गया। विनिमय दर बढ़ने से इनके दाम क्रमश 148 और 187 रुपये प्रति टन और बढ़ गये। इससे पहले सरकार ने 15 सितंबर को इन तेलों के आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि की थी। अब शुल्क मूल्य की गणना में विनिमय दर को बढ़ाया गया है।

इस वृद्धि के बाद विदेशों में खाद्यतेलों के भाव टूटने लगे जिसकी वजह से यहां सोयाबीन तेल, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें गिरावट के साथ बंद हुई। मलेशिया एक्सचेंज में 1.7 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि शिकागो एक्सचेंज में कल रात दो प्रतिशत की गिरावट के बाद फिलहाल डेढ़ प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

सूत्रों ने कहा कि सरसों दाना की उपलब्धता कम होने की वजह से बड़े ब्रांड की कंपनियां राजस्थान के कोटा से 18,300 रुपये क्विन्टल (जीएसटी अलग) के भाव सरसों कच्ची घानी तेल की खरीद कर रही हैं जो वे पहले कभी नहीं करती थीं। सरसों की त्यौहारी मांग होने से इसके तेल में सुधार दिखा। वायदा कारोबार में 120 रुपये क्विंटल भाव टूटने के बावजूद सरसों दाना के भाव हाजिर बाजार में पूर्वस्तर पर बंद हुए। देश की मंडियों में भी सरसों की आवक 2.25 लाख बोरी से घटकर दो लाख बोरी रह गई।

मांग बढ़ने से मूंगफली तेल तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में भी सुधार आया।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 8,700 - 8,750 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली - 6,825 - 6,970 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,650 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,390 - 2,520 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 17,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,670 -2,720 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,755 - 2,865 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,500 - 18,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,380 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,200 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,950 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,460 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,900 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,000 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 11,950 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन दाना 8,400 - 8,600, सोयाबीन लूज 8,200 - 8,400 रुपये

मक्का खल (सरिस्का) 3,800 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2021 07:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).