देश की खबरें | ट्रेन चालकों के आवधिक विश्राम संबंधी विवाद को याचिका समिति के पास भेजा जाए: के. राधाकृष्णन

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल केरल से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सांसद के. राधाकृष्णन ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अपील की है कि वह ‘लोको पायलट (ट्रेन चालकों)’ के आवधिक विश्राम संबंधी विवाद याचिका समिति को भेजें, क्योंकि इससे कामगारों का कल्याण और रेलवे सुरक्षा दोनों प्रभावित होते हैं।

साप्ताहिक/आवधिक विश्राम के संबंध में रेल मंत्रालय के साथ उत्पन्न विवाद से संबंधित शिकायत के सिलसिले में ‘ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.)’ के आवेदन को अग्रसारित करते हुए राधाकृष्णन ने इसके समाधान के लिए बिरला से मदद मांगी।

राधाकृष्णन ने बिरला को हाल में लिखे पत्र में कहा, ‘‘एसोसिएशन ने भारतीय रेलवे कर्मचारी (कार्य और आराम के घंटे) नियम, 2005 और अन्य न्यायिक घोषणाओं के तहत निर्धारित 16 घंटे मुख्यालय विश्राम और 30 घंटे आवधिक विश्राम के अपने अधिकार को लागू न किए जाने से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कामगारों ने अपने उचित विश्राम समय से वंचित किए जाने पर अपनी व्यथा व्यक्त की है, क्योंकि इसके कारण उन्हें गंभीर थकान, मानसिक तनाव और परिचालन सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा होती है।’’

राधाकृष्णन ने बेंगलुरु के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के आदेश और उसके बाद न्यायिक अधिकारियों द्वारा उसे बरकरार रखे जाने का भी जिक्र किया है और आरोप लगाया है कि रेल मंत्रालय ने विश्राम के लिए निर्धारित प्रावधानों को लागू नहीं किया है।

माकपा सांसद ने कहा, ‘‘इस मुद्दे की गंभीर प्रकृति और श्रमिक कल्याण एवं रेलवे सुरक्षा दोनों पर इसके प्रभाव को देखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया इस मामले को उचित विचार और समाधान के लिए लोकसभा की याचिका समिति को भेजें।’’

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