जींद (हरियाणा), 24 सितंबर उच्चतम न्यायालय के हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधन) अधिनियम की वैधता को बरकरार रखने संबंधी फैसले के बाद हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) के कार्यकारी अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारों का बजट करीब 150 करोड़ रुपये का है जो अब प्रदेश में ही खर्च किया जाएगा।
दादूवाल ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि (पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह) बादल परिवार इस बजट का 60 प्रतिशत तक अपने साथ ले जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के गुरुद्वारों के कामकाज को लेकर घोषणा कर दी जाती थी लेकिन लेकिन काम नहीं होते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि बादल परिवार द्वारा हरियाणा के गुरुद्वारों की अनदेखी के चलते हरियाणा के सिख लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंधन भी एचएसजीएमसी करें।
दादूवाल ने कहा कि हरियाणा में कुछ ही गुरूद्वारों का प्रबंधन एचएसजीएमसी देख रही थी जबकि प्रदेश के अन्य 48 गुरुद्वारों का प्रबंधन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पास था ।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब हरियाणा के गुरुद्वारों को उनका हक मिला है। शीर्ष अदालत ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पक्ष में जो फैसला दिया है उसे हरियाणा ही नहीं विदेशों तथा पंजाब के सिखों में भी खुशी की लहर है।
शीर्ष अदालत ने हाल ही में अपने ऐतिहासिक फैसले में प्रदेश भर के गुरुद्वारों का प्रबंधन हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सौंपने का फैसला सुनाया है।
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