अमरावती (आंध्र प्रदेश), 14 जुलाई आंध्र प्रदेश में 36 साल के अंतराल के बाद भीषण बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है क्योंकि गोदावरी नदी भयंकर रूप लेती जा रही है जिससे ज्यादातर पश्चिम गोदावरी और कोनसीमा जिलों के कई गांवों के जलमग्न होने का खतरा है।
गोदावरी नदी राजामहेंद्रवरम के पास दोवालेस्वरम में सर आर्थर कॉटन बैराज में 17 लाख क्यूसेक के खतरे के तीसरे स्तर के करीब बह रही है और आज रात बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
पड़ोसी तेलंगाना के भद्राचलम में 18 लाख क्यूसेक से अधिक बाढ़ का पानी छोड़ा गया है, जो अगले कुछ घंटों में कॉटन बैराज तक पहुंच जाएगा।
मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी बाढ़ से हुई तबाही का आकलन करने के लिए शुक्रवार दोपहर हवाई सर्वेक्षण करेंगे।
महाराष्ट्र और तेलंगाना के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश और इसके परिणामस्वरूप बाढ़ के स्तर में वृद्धि को देखते हुए, अधिकारियों ने अगले दो दिनों में 24 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने का अनुमान लगाया है।
गोदावरी में 1986 की बाढ़ के बाद यह सबसे भयंकर बाढ़ होगी।
एक जिला अधिकारी ने ‘पीटीआई-’ को फोन पर बताया, ‘‘अभी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम तक बाढ़ के पानी का प्रवाह 20 लाख क्यूसेक स्तर को छू सकता है तथा अगले दिन इसमें और वृद्धि हो सकती है। हमें 28 लाख क्यूसेक तक की बाढ़ से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।’’
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