देश की खबरें | सरकार के विकास कार्यों से ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं की नींद उड़ गई है: प्रधानमंत्री मोदी

गुरुग्राम, 11 मार्च प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ढांचागत परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति दोगुनी करने का वादा करने के साथ ही सोमवार को विपक्षी कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर करारा हमला किया और कहा कि नकारात्मकता विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन का चरित्र बन गया है।

यहां एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके नेतृत्व में सरकार के विकास कार्यों से ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं की नींद उड़ गई है क्योंकि वे केवल उन परियोजनाओं को ढोल पीटने के आदी थे, जिनकी आधारशिला तो रखी गई लेकिन कोई पूरा नहीं हुई।

बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रति अपनी सरकार के रुख की गति का ब्योरा देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने चालू कैलेंडर वर्ष के तीन महीने से भी कम समय में 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी है या उनका उद्घाटन किया है।

इससे पहले मोदी ने द्वारका एक्सप्रेस-वे के हरियाणा खंड का उद्घाटन किया जो 4,100 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। द्वारका एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 29 किलोमीटर है जिसे 9,000 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया जा रहा है।

द्वारका एक्सप्रेस-वे भारत का पहला एलिवेटेड 8-लेन एक्सेस कंट्रोल शहरी एक्सप्रेस-वे है, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीड़भाड़ कम करने के लिए एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में 60,000 करोड़ रुपये की राजमार्ग विकास योजना का हिस्सा है।

द्वारका एक्सप्रेस-वे के हरियाणा खंड में 10.2 किलोमीटर दिल्ली-हरियाणा सीमा से बसई रेल-ओवर-ब्रिज (आरओबी) और 8.7 किलोमीटर बसई आरओबी से खेड़की दौला के दो पैकेज शामिल हैं।

द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ-साथ मोदी ने देश भर में एक लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया और कहा कि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए अगले पांच वर्षों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की कार्यान्वयन गति कई गुना तेज होगी।

करीब 114 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि राष्ट्र ने आधुनिक संपर्क की दिशा में एक और बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश इतना बदल गया है, लेकिन कांग्रेस के चश्मे का नंबर अभी भी नहीं बदला है।

उन्होंने कहा, ‘‘देश में हो रहे लाखों करोड़ रुपये के इन विकास कार्यों से सबसे ज्यादा दिक्कत सिर्फ कांग्रेस और उसके घमंडिया गठबंधन को है। उनकी नींद हराम हो गई है। इसलिए वो लोग कह रहे हैं कि मोदी चुनाव के कारण लाखों करोड़ रुपये के काम कर रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘नकारात्मकता और नकारात्मकता... यही कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन वालों का चरित्र बन गया है। यह तो वे लोग हैं जो केवल चुनावी घोषणाओं की सरकार चलाते थे।’’

‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस’ यानी ‘इंडिया’ गठबंधन को अक्सर प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ‘इंडी’ या घमंडिया गठबंधन कहते रहे हैं।

मोदी ने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में देश इतना बदल गया लेकिन कांग्रेस और उसके दोस्तों का चश्मा नहीं बदला। इनके चश्मे का नंबर आज भी वही है। ऑल निगेटिव।’’

पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि पहले की सरकारें छोटी सी कोई योजना बनाकर और छोटा सा कोई कार्यक्रम करके पांच साल तक उसकी डुगडुगी पीटती रहती थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘वहीं भाजपा सरकार जिस रफ्तार से काम कर रही है, उसमें शिलान्यास व लोकार्पण के लिए समय और दिन कम पड़ रहे हैं...पहले विलंब होता था, आज विकास होता है। कांग्रेस ने सात दशक तक जो गड्ढे खोदे थे वे तेजी से भरे जा रहे हैं। अगले पांच वर्ष में इस नींव पर बुलंद इमारत बनाने का काम होने वाला है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2024 के अभी तीन महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और इतने कम समय में 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण हो चुका है।

उन्होंने कहा कि समस्या और संभावनाओं में केवल सोच का फर्क होता है और समस्याओं को संभावनाओं में बदल देना ही ‘मोदी की गारंटी’ है। द्वारका एक्सप्रेस-वे को इसका बहुत बड़ा उदाहरण करार देते हुए मोदी ने कहा कि एक समय शाम ढलने के बाद लोग इधर आने से बचते थे और टैक्सी ड्राइवर भी मना कर देते थे कि उधर नहीं आना है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस पूरे इलाके को असुरक्षित समझा जाता था लेकिन आज कई बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां आकर अपनी परियोजनाएं लगा रही हैं। यह इलाका एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में शामिल हो रहा है।’’

मोदी ने कहा कि आधुनिक आधारभूत ढांचे का निर्माण और देश में कम होती गरीबी दोनों आपस में जुड़ी हैं और जब एक्सप्रेस-वे ग्रामीण इलाकों से होकर जाते हैं तथा जब गांव को अच्छी सड़कों से जोड़ा जाता है तो गांव में अनेक नए अवसर लोगों के घरों के दरवाजे तक पहुंच जाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले गांव के लोग नए अवसर खोजने के लिए शहर तक चले जाते थे लेकिन अब सस्ते डेटा और संपर्क के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण गांव में ही नयी संभावनाओं का जन्म हो रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी मुझे अच्छी तरह से जानते और समझते हैं। मैं छोटा नहीं सोच सकता, न ही मैं छोटे सपने देखता हूं, न ही मैं छोटे संकल्प लेता हूं। जो भी मैं चाहता हूं, मैं बड़ा चाहता हूं! जो कुछ भी मैं चाहता हूं, मैं इसे तेज गति से चाहता हूं! 2047 तक, मैं अपने देश को 'विकसित भारत' के रूप में देखना चाहता हूं।’’

मोदी ने कहा कि देश 2014 के 11वें स्थान से अब पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और बुनियादी ढांचे के तेज विकास से भारत को जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘21वीं सदी का भारत बड़े ‘विजन’ और बड़े लक्ष्यों वाला भारत है।’’

उन्होंने कहा कि देश विकास की गति से कोई समझौता नहीं कर सकता।

मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार चुनाव को ध्यान में रखकर काम नहीं करती है और कहा कि विकास कार्य जारी रहते हैं, चाहे चुनाव हों या नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले चुनाव जीतने के लिए बुनियादी ढांचे की घोषणा की गई थी। अब चुनावों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह नया भारत है।’’

उन्होंने ग्रामीण भारत में नई संभावनाओं के उद्भव का उल्लेख किया, जो डिजिटल बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच से प्रेरित है। मोदी ने कहा, ‘‘इस तरह की पहल ने पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ भारतीयों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद की है।’’

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