चेन्नई, 23 अप्रैल मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार को तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) और राज्य सरकार की ओर से दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया जिनमें मार्च में सरकारी शराब खुदरा विक्रेता के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों को चुनौती दी गई थी।
न्यायमूर्ति एस एम सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति के राजशेखर की खंडपीठ ने टीएएसएमएसी की ओर दायर की गईं दो याचिकाओं और तमिलनाडु सरकार की ओर से दायर की गई एक याचिका को खारिज कर दिया।
पीठ ने ईडी को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
ईडी के अनुसार, उसने पाया है कि ‘डिस्टिलरी’ कम्पनियों और ‘बॉटलिंग’ इकाइयों में बेहिसाब नकदी और अवैध भुगतान के माध्यम से गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की गई है।
टीएएसएमएसी ने अपनी याचिका में ईडी को यह निर्देश देने की मांग की है कि वह जांच की आड़ में उसके कर्मचारियों को परेशान न करे।
इसमें यह भी घोषित करने का अनुरोध किया है कि राज्य की क्षेत्रीय सीमाओं के भीतर अपराध की जांच करने की ईडी की कार्रवाई संघवाद का उल्लंघन है।
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