देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने अभिनेता धनुष के वाद को निरस्त करने संबंधी नेटफ्लिक्स की याचिका खारिज की

चेन्नई, 28 जनवरी मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को ओटीटी मंच नेटफ्लिक्स की भारतीय इकाई लॉस गैटोस द्वारा दायर आवेदन खारिज कर दिया, जिसमें अभिनेत्री नयनतारा, उनके पति विग्नेश और अन्य द्वारा कथित तौर पर कॉपीराइट उल्लंघन किए जाने के मामले में अभिनेता धनुष की ओर से दायर वाद को निरस्त करने का अनुरोध किया गया था।

न्यायमूर्ति अब्दुल कुद्दोस ने लॉस गैटोस द्वारा दायर आवेदन को खारिज कर दिया और धनुष के प्रोडक्शन हाउस वंडरबार द्वारा दायर याचिका पर अगली सुनवाई 5 फरवरी के लिए निर्धारित की। वंडरबार ने याचिका में लॉस गैटोस और अन्य के खिलाफ अंतरिम निषेध आदेश दिए जाने का आग्रह किया है।

धनुष ने अपने आवेदन में कहा था कि उन्होंने कुछ साल पहले तमिल फिल्म ‘नानुम राउडी धान’ का निर्माण किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म निर्माण के समय की पर्दे के पीछे की कुछ फुटेज का उपयोग नयनतारा की डॉक्यूमेंटरी ‘नयनतारा: बियॉन्ड द फेयरीटेल’ के निर्माण में अनधिकृत रूप से किया गया जिसका प्रसारण नेटफ्लिक्स पर हुआ।

धनुष ने कहा कि चूंकि नेटफ्लिक्स का कार्यालय मुंबई में है जो मद्रास उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर है, इसलिए उन्होंने इस अदालत में ओटीटी मंच पर मुकदमा चलाने के लिए अनुमति मांगते हुए आवेदन दायर किया था, जिसे अनुमति दे दी गई। नेटफ्लिक्स ने आदेश को रद्द कराने के आग्रह के साथ आवेदन दायर किया।

उच्च न्यायालय ने अनुमति रद्द किए जाने और वादपत्र को अस्वीकार करने के नेटफ्लिक्स के आवेदन को खारिज कर दिया।

वाद को इस आधार पर अस्वीकार करने का अनुरोध किया गया कि कोई तात्कालिकता नहीं है क्योंकि डॉक्यूमेंटरी पहले ही जारी हो चुकी है, इसलिए वादी को अनिवार्य मुकदमा-पूर्व मध्यस्थता के लिए जाना चाहिए था।

उच्च न्यायालय इस बात से सहमत नहीं हुआ और आवेदन खारिज कर दिया।

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