बेंगलुरु, 30 जून कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक में पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा राज्य में मुख्यमंत्री बदले जाने की संभावना को लेकर की जा रही चर्चा के बीच सोमवार को कहा कि ऐसे मामलों पर फैसला पार्टी आलाकमान करेगा और किसी को भी अनावश्यक समस्या पैदा नहीं करनी चाहिए।
खरगे राज्य में कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा अक्टूबर में मुख्यमंत्री बदले जाने के संबंध में किये गए दावे पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘देखिए, यह आलाकमान के हाथ में है। यहां कोई नहीं कह सकता कि आलाकमान के मन में क्या चल रहा है। यह आलाकमान पर छोड़ दिया गया है और आगे कोई भी फैसला लेने का अधिकार उसी के पास है। लेकिन अनावश्यक रूप से किसी को समस्या पैदा नहीं करनी चाहिए।’’
वर्ष 2023 में जब कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनी थी, तो ऐसी अटकलें थीं कि सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार ढाई-ढाई साल के लिए राज्य का नेतृत्व करेंगे। हालांकि, ऐसे दावों (बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाए जाने) की पार्टी ने न तो पुष्टि की है और न ही इसे खारिज किया है। वर्तमान में सिद्धरमैया मुख्यमंत्री हैं और शिवकुमार उप मुख्यमंत्री हैं।
इस बीच, कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां पार्टी विधायकों से मुलाकात की।
उनके दौरे को लेकर खरगे ने कहा, ‘‘सुरजेवाला आए हैं। उनकी रिपोर्ट और फीडबैक के आधार पर हम तय करेंगे कि क्या कदम उठाना है।’’
खरगे को ‘‘एक्सीडेंटल कांग्रेस अध्यक्ष’’ बताते हुए कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने सवाल किया, ‘‘अगर खरगे पार्टी आलाकमान नहीं हैं, तो कौन हैं?’’
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने हमें एक और ‘एक्सीडेंटल’ नेता उपहार में दिया है। सबसे पहले, वह प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह थे, जिनके पास कुर्सी थी लेकिन कमान नहीं थी, जिनके पास जिम्मेदारी थी, लेकिन शक्ति नहीं थी। अब यह मल्लिकार्जुन खरगे ‘एक्सीडेंटल एआईसीसी अध्यक्ष’ हैं, जो गर्व से स्वीकार करते हैं कि उन्हें नहीं पता कि ‘आलाकमान’ क्या सोच रहा है।’’
अशोक ने यह भी कहा, ‘‘प्रिय खरगे जी, अगर आप आलाकमान नहीं हैं, तो कौन हैं? राहुल गांधी? सोनिया गांधी? प्रियंका गांधी या इस एक उपनाम की कोई अदृश्य समिति है?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष सिर्फ दिखावे के लिए हैं, जबकि फैसले ‘10 जनपथ’ (सोनिया गांधी का आवास) में बंद दरवाजे के पीछे किए जाते हैं।
अशोक ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘वही पटकथा, नया अभिनेता। फिर भी गांधी परिवार द्वारा निर्देशित।’’
कांग्रेस की ओर से अशोक के आरोप पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
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