नयी दिल्ली, 30 जून आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर इस साल मई में सुस्त पड़कर 4.3 प्रतिशत पर रही। मुख्य रूप से कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली के उत्पादन में कमी से बुनियादी उद्योग की वृद्धि दर धीमी रही।
सरकार ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी। इसके मुताबिक, आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर मई 2022 में 19.3 प्रतिशत थी जबकि इस साल अप्रैल में यह 4.3 प्रतिशत थी।
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-मई के दौरान आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 14.3 प्रतिशत थी।
इन आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए इक्रा लिमिटेड की मुख्य अर्थशास्त्री और शोध प्रमुख अदिति नायर ने कहा कि मई में वृद्धि मोटे तौर पर स्थिर रही।
उन्होंने कहा, ''इक्रा को उम्मीद है कि मई 2023 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर सालाना आधार पर लगभग चार-छह प्रतिशत रहेगी।'' आठ प्रमुख उद्योगों की आईआईपी में 40.27 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
समीक्षाधीन माह में कच्चे तेल का उत्पादन 1.9 प्रतिशत घटा जबकि प्राकृतिक गैस एवं बिजली के उत्पादन में 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई।
कोयला उत्पादन की वृद्धि दर मई में घटकर 7.2 प्रतिशत रह गई, जो पिछले साल इसी महीने में 33.5 प्रतिशत थी।
रिफाइनरी उत्पादों की वृद्धि दर भी मई में घटकर 2.8 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले 28 प्रतिशत थी।
समीक्षाधीन अवधि में उर्वरक, इस्पात और सीमेंट की वृद्धि दर घटकर क्रमश: 9.7 प्रतिशत, 9.2 प्रतिशत और 15.5 प्रतिशत रह गई।
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