जरुरी जानकारी | बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अप्रैल में सुस्त पड़कर 0.5 प्रतिशत पर, आठ माह का निचला स्तर

नयी दिल्ली, 20 मई कच्चे तेल, रिफाइनरी उत्पादों और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट आने से अप्रैल में आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर आठ माह के निचले स्तर 0.5 प्रतिशत पर आ गई। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

एक साल पहले की समान अवधि में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 6.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। वहीं मार्च, 2025 में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 4.6 प्रतिशत बढ़ा था।

प्रमुख बुनियादी उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, रिफाइनरी उत्पाद, प्राकृतिक गैस, इस्पात, सीमेंट, बिजली और उर्वरक शामिल हैं। इन उद्योगों का देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 40.27 प्रतिशत का भारांश है।

आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन महीने में कच्चे तेल, रिफाइनरी उत्पादों और उर्वरक क्षेत्रों के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है।

इससे पहले निम्न वृद्धि दर अगस्त, 2024 में दर्ज की गई थी। उस समय इन बुनियादी क्षेत्रों के उत्पादन में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

अप्रैल 2025 में कोयला, प्राकृतिक गैस, इस्पात और बिजली के उत्पादन में वृद्धि दर क्रमशः 3.5 प्रतिशत, 0.4 प्रतिशत, तीन प्रतिशत और एक प्रतिशत रही।

हालांकि, इस साल अप्रैल में सीमेंट उत्पादन में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 0.2 प्रतिशत बढ़ा था।

रेटिंग एजेंसी इक्रा लिमिटेड की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने इन आंकड़ों पर अपनी टिप्पणी में कहा कि अप्रैल में प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों का प्रदर्शन ‘काफी खराब’ रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘बुनियादी उद्योगों में मामूली वृद्धि और अन्य उपलब्ध संकेतकों के आधार पर इक्रा का मानना है कि अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की वृद्धि दर तेजी से घटकर लगभग एक प्रतिशत रह जाएगी।’’

प्रेम

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