देश की खबरें | बंगाल के राज्यपाल ने विधानसभाध्यक्ष को लिखा पत्र, संवैधानिक नियमों के पालन का आह्वान किया

कोलकाता, 15 सितंबर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बुधवार को विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी से संवैधानिक नियमों का पालन करने की अपील की और कहा कि उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों द्वारा किसी भी ‘अशोभनीय तमाशे’ से बचा जाना चाहिए क्योंकि इससे संसदीय लोकतंत्र की गरिमा गिरती है।

बनर्जी को भेजे पत्र में धनखड़ ने उन मौकों का जिक्र किया जहां उनका दावा है कि शुचिता नहीं थी । राज्यपाल ने विधानसभाध्यक्ष को चेताया कि उनके आचरण से पद की गरिमा झलकनी चाहिए।

ट्विटर हैंडल पर इस पत्र को साझा करने वाले धनखड़ ने दावा किया कि विधानसभाध्यक्ष ने उनके पत्र का जवाब छह सितंबर को सार्वजनिक कर दिया था।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष ने 24 अगस्त के मेरे पत्र का जवाब मुझतक पहुंचने से पहले छह सितंबर को सार्वजनिक कर दिया था, ऐसे में मुझे जवाब को संलग्न करते हुए रिकार्ड सामने रखना उचित लगा।’’

राज्यपाल ने बुधवार के अपने पत्र में फरवरी, 2020 और जुलाई, 2021 को सदन में उनके अभिभाषण को कथित रूप से बाहर आने से रोकने, राजभवन से सूचना भेजे जाने के बाद भी दिसंबर, 2019 में उनके पहुंचने पर विधानसभा के द्वार को बंद कर देने की घटनाओं का जिक्र किया है।

उन्होंने लिखा, ‘‘ मैं (विधानसभाध्यक्ष) आपसे आत्मावलोकन करने, संवैधानिक भावना में विश्वास करने तथा संवैधानिक मार्गों एवं शुचिता पर चलने, जिसकी आपका पद मांग करता है, की अपील करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य के हित एवं जनकल्याण के लिए सभी खासकर उच्च पदासीन व्यक्तियों का मापदंड स्थापित करना एवं ऐसे अशोभनीय तमाशे से बचना कर्तव्य है जिससे संसदीय लोकतंत्र की गरिमा गिरे एवं हम जिन पदों पर आसीन है, उनकी भी गिरमा गिरे।’’

बनर्जी ने जून में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संसदीय लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों एवं सदन के कामकाज में ‘अत्यधिक दखल’ देने को लेकर धनखड़ की शिकायत की थी।

राज्यपाल ने अपने जवाब में कहा कि ‘ इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण कुछ हो नहीं सकता है और यह सच्चाई से काफी दूर है।’’ राज्यपाल एवं ममता बनर्जी सरकार के बीच तनावपूर्ण संबंध है।

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