देहरादून, 31 जुलाई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्टी की उत्तराखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोमवार को चमोली करंट हादसे में मारे गए लोगों के आश्रितों को मुआवजा दिए जाने तथा मल जल शोधन संयंत्र (एसटीपी) के रखरखाव के लिए जिम्मेदार कंपनियों के मालिकों के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने की मांग की।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में गोदियाल ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में मारे गए लोगों के आश्रितों को मुआवजा देने में देरी से राज्य सरकार की असंवेदनशीलता प्रदर्शित होती है।
घटना के संबंध में शनिवार को सौंपी गयी मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट में इन कंपनियों को काली सूची में डाले जाने की सिफारिश को भी गोदियाल ने नाकाफी बताया।
उन्होंने कहा कि कंपनियों के मालिकों को लापरवाही के कारण हुई मौत के लिए जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमने मांग की है कि पीड़ितों के परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने के साथ ही एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए। हादसे को गुजरे एक पखवाड़ा हो चुका है लेकिन राज्य सरकार ने अब तक मुआवजा नहीं दिया है। इससे पता चलता है कि राज्य सरकार को जनता की कोई फिक्र नहीं है।’’
अठारह-उन्नीस जुलाई को चमोली के एक एसटीपी में 24 घंटे के भीतर दो बार बिजली का करंट दौड़ जाने से 16 लोगों की मृत्यु हो गयी थी और 11 अन्य घायल हो गए थे। करंट से झुलसे घायलों में से एक व्यक्ति का एक हाथ और एक पैर तक काटना पड़ा था।
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