नयी दिल्ली, दो दिसंबर उपराज्यपाल सचिवालय के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि ‘दिल्ली की योगशाला' योजना को उसके "मौजूदा स्वरूप" में बंद करने का निर्णय पूरी तरह से स्वायत्त दिल्ली भेषज विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (डीपीएसआरयू) के शासी मंडल (बीओजी) द्वारा लिया गया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि योगशाला के संबंध में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के बयान "पूरी तरह से गलत हैं।"
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यहां एक कार्यक्रम में आरोप लगाया था कि उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने इस योजना पर ''रोक'' लगा दी थी लेकिन दिल्ली के लोगों ने अपनी दरियादिली से इस योजना को बनाए रखा।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी कहा कि "उन्होंने योग कक्षाओं को रोकने की कोशिश की।’’
उपराज्यपाल सचिवालय के अधिकारियों ने कहा, "आप नेताओं द्वारा दिए गए बयान पूरी तरह से गलत और भ्रामक हैं।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘ योगशाला कार्यक्रम को उसके मौजूदा स्वरूप में बंद करने का निर्णय पूरी तरह से स्वायत्त डीपीएसआरयू के शासी मंडल द्वारा लिया गया था और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पत्र लिख कर शासी मंडल को इस तरह का कोई भी निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया था।"
अधिकारियों ने दावा किया कि यह पूरी तरह से जानते हुए कि डीपीएसआरयू द्वारा वर्तमान स्वरूप में चलाई जा रही योजना उसके निर्धारित कामकाज के तहत पूरी तरह से अवैध है, उपमुख्यमंत्री ने उम्मीद की थी कि विश्वविद्यालय "कार्यक्रम को जारी रखने का गैरकानूनी निर्णय लेगा ताकि वह स्वयं और आप सरकार गलत कामों के आरोपों से मुक्त रह सके।’’
सचिवालय के अधिकारियों ने कहा कि उपराज्यपाल ने योगशाला कार्यक्रम को बंद नहीं किया है।
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