देश की खबरें | युवती ने आत्महत्या की, मां ने पुलिस पर आरोप लगाया, एसएसपी ने कहा आरोप निराधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जनपद के बिनावर थाना क्षेत्र में पुलिस के कथित उत्पीड़न से परेशान एक युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बदायूँ (उत्तर प्रदेश), दो जून जनपद के बिनावर थाना क्षेत्र में पुलिस के कथित उत्पीड़न से परेशान एक युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मृतका की माँ का आरोप है कि पारवारिक झगड़े के एक मामले में पुलिस उसकी बेटी गुलिस्ता (19) और उसके परिजनों को परेशान कर रही थी जिससे तंग आकर उनकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
वहीं बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ ओपी सिंह ने पुलिस द्वारा किसी प्रकार की प्रताड़ना या अभद्रता के आरोपों को निराधार बताया है।
मामला बिनावर थाना क्षेत्र के चंदौरा गांव का है जहां नौ मई को एक ही परिवार के दो पक्षों में हुए झगड़े के मामले में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी।
आरोप है कि पुलिस ने युवती और उसके परिवार द्वारा नौ मई को दी गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की जबकि दूसरे पक्ष द्वारा 13 मई को दी गई तहरीर के बाद उनको लगातार तंग कर रही थी।
आरोप है कि पुलिस ने युवती के साथ मारपीट की और उसे परेशान किया। जिससे दुखी होकर उसने बृहस्पतिवार सुबह फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली।
मृतका की मां रेहाना बेगम का आरोप है कि दरोगा संजय गौड़ और उसके साथ आये पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बदसलूकी की।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि बिनावर थाना क्षेत्र के गांव चंदोरा में एक अविवाहित युवती के आत्महत्या करने की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी सिंह ने बताया कि आत्महत्या करने वाली युवती के परिवार में सभी लोग आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उसका एक भाई तिहाड़ जेल में बंद है। पिता किश्वर, चाचा केशर व दोनों भाई सलमान और अमन के ऊपर एक दर्जन से अधिक जघन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस को किश्वर के परिवार द्वारा दूसरे पक्ष से मारपीट किए जाने की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस ने आरोपी पक्ष के घर गिरफ्तारी के लिए दबिश डाली थी। पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या अभद्रता के आरोप निराधार हैं।
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