जरुरी जानकारी | करोबार में लाभ कमाने और सामाजिम्मेदारी निभाने में बुनिदी विरोधाभास: नोबेल विजेताजि

मुंबई, तीन नवंबर नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी अर्थशास्त्री यूजेन फामा ने मंगलवार को कहा कि निवेशकों के मुनाफा कमाने के उद्देश्य और सामाजिक जिम्मेदारी भरे निवेश यानी पर्यावरण, सामाजिक और संचालन (ईएसजी) पर केन्द्रित निवेश के बीच बुनियादी विरोधाभास है।

देश दुनिया में पूंजी को अधिक जिम्मेदारी वाले उद्यमों में लगाने के प्रयासों को लेकर छिड़ी बहस के बीच उन्होंने यह बात कही।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Elections 2020: पीएम मोदी का तंज- डबल-डबल युवराजों को नकार, फिर बनेगी ‘NDA की सरकार.

अमेरिका के इस अर्थशास्त्री को कुशल एवं सक्ष्म बाजार के क्षेत्र में किये गये उनके अध्ययनों के लिये जाना जाता है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी के साथ किये गये निवेश के अपने फायदे होते हैं। ऐसे निवेश में निवेशकों को ऊंचे प्रतिफल की उम्मीद नहीं करनी चाहिये।

उन्होंने कहा कि अधिक जागरूकता वाले यूरोपीय बाजारों सहित विभिन्न नियामकों को इस मामले में अधिक सोचने की आवश्यकता है।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: फेस्टिवल सीजन में सरकारी कर्मचारी इस स्कीम का उठा सकते है फायदा, जानिए कैसे.

पृथ्वी को बचाने और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे को देखते हुये पर्यावरण, सामाजिक अैर संचालन के लिहाज से अनुकूल कामकाज को लेकर कई कंपनियां सतर्क हुई हैं और उन्होंने ऐसे उद्यम को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया है। ऐसे में ईएसजी उद्यमों में निवेश को लेकर गतिविधियां बढ़ रही है और ऐसे निवेश से मिलने वाले प्रतिफल को लेकर बहस भी छिड़ गई है।

फामा, 81 वर्ष, ने 2013 में नोबेल पुरस्कार जीता था। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने आप से यह सवाल करना चाहिये कि क्या वह ईएसजी के पैमाने पर खरा उतरने वाले उत्पादों और सेवाओं के लिये अधिक भुगतान करना चाहते हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)