हैदराबाद, 20 जुलाई कोविड-19 से पीड़ित एल्गार परिषद मामले के आरोपी वरवर राव के परिवार के सदस्यों ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार से मांग की कि कवि कथित तौर पर खुद से कुछ भी करने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए किसी एक परिजन को उनकी मदद के लिए उनके साथ रहने दिया जाए। परिवार ने राव की सेहत के बारे में भी जानकारी मांगी।
राव के परिवार ने यहां जारी एक बयान में आरोप लगाया कि उनकी सेहत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि मीडिया में आई कुछ खबरों में कहा गया है कि उनके सिर पर चोट लगी है इसलिए सरकार को उनकी सेहत के बारे में जानकारी साझा करनी चाहिए।
परिवार ने कहा, ‘‘उनकी सेहत के बारे में, उपचार तथा संभावित जोखिम के बारे में आधिकारिक एवं पारदर्शी जानकारी पाने का परिवार को अधिकार है लेकिन जेल, पुलिस तथा स्वास्थ्य प्रशासन ने आवश्यक जानकारी मुहैया नहीं करवाकर अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया है।’’
उन्होंने मांग की कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा परिवार के किसी एक सदस्य को राव की मदद के लिए उनके साथ रहने की इजाजत दी जाए क्योंकि ‘‘वह कथित तौर पर खुद से कुछ भी करने की स्थिति में नहीं हैं।’’
परिवार ने मांग की कि सरकार राव के सभी मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध करवाए तथा बाधाओं को दूर करे ताकि ‘‘सेहत, आयु और कोविड-19 से उनके पीड़ित होने के आधार पर अंतरिम जमानत तथा नियमित जमानत की न्यायिक प्रक्रिया संभव’’ हो सके और परिवार अपनी पसंद के अस्पताल में उनका इलाज करवा सके।
राव (80) का 16 जुलाई से दक्षिण मुंबई स्थित सरकारी सेंट जॉर्ज अस्पताल में कोविड-19 का इलाज चल रहा है। वह पिछले 22 महीने से जेल में हैं। उन्होंने विशेष एनआईए अदालत में चिकित्सा आधार तथा कोविड-19 संबंधी परिस्थितियों के चलते जमानत का अनुरोध किया है।
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