देश की खबरें | विपक्षी एकजुटता की कवायद को गति मिली, मुलाकातों का सिलसिला जारी

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की कवायद को बृहस्पतिवार को उस वक्त गति मिलती दिखी जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वामपंथी नेताओं सीताराम येचुरी और डी राजा के साथ मुलाकात की तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंत्रणा की।

दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी नेताओं की मुलाकातों को लेकर तंज किया कि 2024 में प्रधानमंत्री पद के लिए रिक्ति नहीं है।

नीतीश कुमार के साथ बैठक के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव येचुरी ने कहा कि विपक्षी दलों को एकजुट करने की कवायद गति पकड़ चुकी है और अगले लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन राज्यों के स्तर पर होगा।

जनता दल (यूनाइटेड) के शीर्ष नेता नीतीश कुमार ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। इन बैठकों में यह तय किया गया कि अधिक से अधिक विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने के साथ साथ देश के लिए ‘विपक्ष का दृष्टिकोण’ सामने रखा जाएगा।

खरगे और राहुल ने नीतीश के साथ बैठक को ऐतिहासिक करार दिया था। दूसरी तरफ, जनता दल (यूनाइटेड) ने कहा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार विपक्षी एकता के सूत्रधार साबित होंगे।

नीतीश के साथ मुलाकात के बाद येचुरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘वापमंथियों की हमेशा से यह राय रही है कि जितनी भी धर्मनिरपेक्ष और जनतांत्रिक पार्टियां हैं, उनको साथ आना होगा। देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाना है। भाजपा और केंद्र सरकार को 2024 के चुनाव में हराने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को एक साथ लाने की प्रक्रिया गति पकड़ चुकी है।

पश्चिम बंगाल और केरल में गठबंधन से जुड़े सवाल पर माकपा महासचिव ने कहा, ‘‘सीटों का तालमेल राज्यों के आधार पर होगा। केरल में हम और कांग्रेस आमने-सामने होंगे। वहां की रणनीति अलग होगी। इसलिए यह तालमेल राज्यों के स्तर पर होगा।’’

उनका यह भी कहना था कि और दलों से बातचीत हो रही है और जल्द विपक्षी दलों की एक बैठक होगी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव बाद ही राष्ट्रीय स्तर पर कोई मोर्चा अस्तित्व में आएगा, जैसे कि अतीत में कुछ मौके पर आया।

नीतीश ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा से भी मुलाकात की।

राकांपा प्रमुख शरद पवार ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी एकजुटता के प्रयासों के बीच बृहस्पतिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की।

माना जा रहा है कि खरगे के आवास पर हुई इस बैठक में विपक्षी एकजुटता को व्यापक और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई है। बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे।

यह मुलाकात इस संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है कि हाल ही में शरद पवार ने अडाणी मामले पर कांग्रेस से अलग रुख जाहिर किया था।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ विपक्षी दलों के महागठबंधन में उनके दल के शामिल होने की संभावना पर बृहस्पतिवार को अपने पत्ते नहीं खोले, लेकिन कहा कि देश की जनता अब सत्ता में परिवर्तन चाहती है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि वह कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ गठबंधन करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘राजनीतिक बेबसी’ को समझ सकते हैं, लेकिन वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि किस ‘राजनीतिक विवशता’ में केजरीवाल ने भ्रष्टाचार पर यू-टर्न लेने का फैसला किया।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘अरविंद केजरीवाल देश को बताएं कि उनकी ऐसी कौन सी राजनीतिक विवशता है जिसके चलते वह लालू यादव, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ गठबंधन कर रहे हैं?’’

पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा कि 2024 में प्रधानमंत्री पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अतीत में कई बार कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए हाथ मिलाने की सलाह दे चुके हैं।

इसी साल फरवरी में कुमार ने इस बात पर जोर दिया था कि यदि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल 2024 का लोकसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ते हैं, तो भाजपा 100 से कम सीटों पर सिमट जाएगी।

हक

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