जरुरी जानकारी | विदेशों में मंदी से तेल तिलहनों में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में मंदी के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल- तिलहन, सीपीओ और पामोलीन तेल सहित लगभग सभी खाद्यतेलों की कीमतों में गिरावट रही। बिनौला में कारोबार नगण्य रहने से बिनौला तेल के भाव स्थिर रहे जबकि मक्का खल में मामूली तेजी आई। बाकी तेल-तिलहन के भाव पूर्व-स्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, 11 जून विदेशी बाजारों में मंदी के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल- तिलहन, सीपीओ और पामोलीन तेल सहित लगभग सभी खाद्यतेलों की कीमतों में गिरावट रही। बिनौला में कारोबार नगण्य रहने से बिनौला तेल के भाव स्थिर रहे जबकि मक्का खल में मामूली तेजी आई। बाकी तेल-तिलहन के भाव पूर्व-स्तर पर बने रहे।
बाजार सूत्रों ने बताया कि विदेशी बाजारों की गिरावट के कारण सभी तेल तिलहनों के भाव दबाव में रहे।
सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक निरंतर घट रही है और इसकी आवक घटकर लगभग 2.75-3 लाख बोरी रह गई है जबकि देश में सरसों की मांग प्रतिदिन करीब पांच लाख बोरी की है। सभी तेलों में सबसे सस्ता होने के कारण सरसों के रिफाइंड बनाये जा रहे हैं जिस पर रोक लगाये जाने की जरुरत है।
सूत्रों ने कहा कि रिफायनिंग (प्रसंस्करण का काम) नहीं कर सकने वाले आयातकों को आयात करने पर शुल्क में मिलने वाली छूट से वंचित रखा जाना उचित नहीं है। केवल तेल रिफायनिंग कर उपभोक्ताओं को बेचने वालों को आयात पर शुल्क से छूट देना अपेक्षित परिणाम नहीं देगा क्योंकि जब तक अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जाता तब तक नये आयातित तेलों को भी मनमाने भाव से बेचने पर कौन अंकुश लगायेगा।
सरसों तेल के मामले में थोक भाव घटने के बाद भी उपभोक्ताओं को 150-151 रुपये लीटर के बजाय एमआरपी की आड़ में सरसों तेल 190-210 रुपये लीटर के भाव पर बेचा जा रहा है। सरकार को पहले एमआरपी व्यवस्था को दुरुस्त करने का इंतजाम करना चाहिये।
सूत्रों ने कहा कि सरकार खाद्य तेलों के स्टॉक रखने की सीमा (स्टॉक लिमिट) लगाती है और बाद में छापेमारी की जाती है लेकिन इन उपायों का कोई स्थायी मनोवांछित परिणाम नहीं मिलता है। समस्या की असली जड़ एमआरपी को दुरुस्त करने की पहल होनी चाहिये।
मक्का खल का दाम 10 रुपये की मामूली तेजी के साथ 4,010 रुपये क्विन्टल हो गया।
शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,515-7,565 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,815 - 6,950 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,950 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,660 - 2,850 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,395-2,475 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,435-2,540 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,700 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 13,950 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,650 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 14,380 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 6,950-7,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 6,650- 6,750 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 11, 2022 06:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

