नयी दिल्ली, दो जून मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वर्ष 2025-26 के बजट में केरल में परियोजनाओं के लिए आवंटित धन वापस करने संबंधी दक्षिण रेलवे के कदम को अस्वीकार किया जाए।
वैष्णव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को संबोधित अलग-अलग पत्रों में ब्रिटास ने अंगमाली-सबरीमला और तिरुनावया-गुरुवायूर रेल मार्ग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में आवंटित धन का एक बड़ा हिस्सा वापस करने के लिए दक्षिण रेलवे द्वारा 14 मई को एक पत्र के माध्यम से दिए गए प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।
उन्होंने दक्षिणी रेलवे की सिफारिश को खारिज करने और दक्षिणी राज्य में इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए निरंतर वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है।
ब्रिटास ने वैष्णव को संबोधित अपने पत्र में कहा, ‘‘दशकों पहले जिन परियोजनाओं के बारे में फैसला हुआ था, वो रणनीतिक, आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व के बावजूद लगातार संस्थागत उदासीनता के कारण अधूरी पड़ी हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि यह कदम को केरल के रेल बुनियादी ढांचे की लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा जारी रहने का प्रमाण है।
माकपा नेता ने इस बात पर जोर दिया कि सबरीमाला तीर्थयात्रा के महत्व को देखते हुए अंगमाली-सबरीमला लाइन का राष्ट्रीय महत्व है, जबकि तिरुनावया-गुरुवायूर लाइन उत्तरी केरल में रेल संपर्क में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि दक्षिण रेलवे ने भी तमिलनाडु में परियोजनाओं के लिए धन वापस करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे दक्षिण भारत में लंबे समय से चली आ रही मांगों के प्रति नौकरशाही की उपेक्षा का एक व्यापक चलन सामने आया है।
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