जरुरी जानकारी | देश की अदालतें नवीन प्रौद्योगिकी अपनाने के मामले में प्रगतिशील रही हैं: कांत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने कहा है कि हाल के समय में सर्वाधिक उत्साहजनक गतिविधियां देश की अदालतों का नवीन प्रौद्योगिकी को अपनाना रहा है। यह बताता है कि भारतीय अदालतें कितनी प्रगतिशील और नवोन्मेषी रही हैं।
नयी दिल्ली, आठ दिसंबर नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने कहा है कि हाल के समय में सर्वाधिक उत्साहजनक गतिविधियां देश की अदालतों का नवीन प्रौद्योगिकी को अपनाना रहा है। यह बताता है कि भारतीय अदालतें कितनी प्रगतिशील और नवोन्मेषी रही हैं।
कांत ने नीति आयोग द्वारा पटना उच्च न्यायालय के साथ ‘ऑनलाइन’ आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल के प्रगतिशील और दूरदर्शी दृष्टिकोण को लेकर उनकी सराहना भी की।
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आधिकारिक बयान में कांत के हवाले से कहा गया है, ‘‘हाल ही में सबसे उत्साहजनक घटनाक्रमों में से एक यह है कि प्रौद्योगिकी को अपनाने में न्यायालय कितने प्रगतिशील और नवोन्मेषी रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि यह बैठक एक सहयोग की शुरुआत है जो कोविड-19 महामारी के बाद न्याय की कुशल और सुगम पहुंच की दिशा में प्रौद्योगिकी के उपयोग को रेखांकित करती है।
‘ऑनलाइन विवाद समाधान’ (ओडीआर) पर केंद्रित यह बैठक सात दिसंबर को हुई।
मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा, “पटना उच्च न्यायालय के सभी अधिकारियों ने न्याय देने की व्यवस्था को बदलने के लिए इस वर्ष मार्च से एक संकल्प लिया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम बहुत पुराने लंबित मामलों की बड़ी संख्या से निपट रहे हैं और नए मामले भी सामने आ रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए मानसिकता में भारी परिवर्तन की आवश्यकता है।’’
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम नीति आयोग के साथ मिलकर समाधान खोजने की योजना की रूपरेखा तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि न्याय प्रभावी और त्वरित दोनों हो।
डिजिटल तरीके से आयोजित बैठक में पूरी बिहार न्यायपालिका से 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। बैठक में प्रतिभागियों ने सभी के लिए न्यायसंगत और प्रभावी न्याय वितरण के सुनिश्चित करने के लिए विचार-विमर्श किया।
ओडीआर छोटे और मझोले विवादों को डिजिटल तकनीक की मदद से सुलझाने का एक प्रयास है। इसमें अन्य वैकल्पिक तकनीकों जैसे बातचीत और मध्यस्थता को भी शामिल किया जाता है।
बयान के अनुसार ये ऑनलाइन विवाद समाधान विवादों को कुशलतापूर्वक और किफायती तरीके से सुलझाने में मदद कर सकता है।
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