बेंगलुरु, छह जून सरकारी अधिकारियों द्वारा अदालत के आदेशों का पालन नहीं करने पर नाखुशी जाहिर करते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने सोमवार को कहा, ‘‘यह समय एक आईएएस अधिकारी को जेल भेजने का है।’’
उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ ने 19 जुलाई 2021 को राज्य सरकार को विभिन्न नगर निकायों में समूह-बी और समूह-सी की नौकरियों के विलय संबंधी संशोधित मसौदा नियमों को दो महीने के भीतर अधिसूचित करने का आदेश दिया था।
एकल न्यायाधीश पीठ के आदेश का पालन नहीं करने को लेकर कर्नाटक शहर नगरपालिका के एक कर्मचारी संघ ने अवमानना याचिका दायर की थी। मामला 31 मई 2022 को सुनवाई के लिए आया लेकिन राज्य सरकार अधिसूचना जारी करने में विफल रही।
उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई छह जून के लिए स्थगित कर दी थी और शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राकेश सिंह और नगरपालिका की निदेशक एम एस अर्चना को पेश होने का निर्देश दिया था।
सोमवार को दोनों अधिकारी मुख्य न्यायाधीश ऋतु राज अवस्थी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष पेश हुए।
अतिरिक्त महाधिवक्ता डी चिनप्पा ने अदालत को सूचित किया कि मसौदा नियम तीन जून को अधिसूचित किए गए हैं और 15 दिनों के भीतर आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस बाबत एक हलफनामा कोर्ट में पेश किया गया है।
अदालत ने मामले की सुनवाई को छह सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि सुनवाई की अगली तारीख को भी दोनों अधिकारी अदालत में मौजूद रहें।
सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अधिकारी अदालती आदेश को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं इसलिए उन्हें अदालत में तलब किया गया।
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