नयी दिल्ली, 19 अप्रैल दिल्ली की एक अदालत ने भारतीय रेल वित्त निगम (आईआरएफसी) के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अमिताभ बनर्जी को वितरण के लिए अत्यधिक कीमत पर सोने के सिक्के जैसे उपहारों की खरीद में कथित घोटाले के एक मामले में आरोप मुक्त कर दिया है।
विशेष न्यायाधीश विजेता सिंह रावत ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह नहीं कहा जा सकता कि बनर्जी के खिलाफ गंभीर संदेह है।
उन्होंने कहा कि "मामले में आगे की कार्यवाही करने से, पहले से ही मुकदमों के बोझ से दबी न्यायिक प्रणाली का काम और बढ़ जाएगा।"
बनर्जी सीएमडी के रूप में पदोन्नत होने से पहले 2019 में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में प्रबंध निदेशक के रूप में शामिल हुए थे। उन्हें बाद में कथित वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग के कारण बर्खास्त कर दिया गया था।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की मंजूरी के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी को जांच सौंप दी गई।
न्यायाधीश ने 17 अप्रैल को दिए आदेश में कहा, ‘‘रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री के आकलन के आधार पर प्रथम दृष्टया यह भी नहीं कहा जा सकता कि आरोपी के खिलाफ कथित अपराध करने का गंभीर संदेह है, जिसके लिए उस पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।’’
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