नयी दिल्ली, 14 फरवरी यह उल्लेख करते हुए कि वह सभी खेल संघों की निगरानी नहीं कर सकता, उच्चतम न्यायालय ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) के पदाधिकारियों के आगामी चुनाव की निगरानी की जिम्मेदारी मंगलवार को अपने पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव को सौंप दी।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्र और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने एचसीए को एक सदस्यीय समिति को सभी आवश्यक सहायता देने का भी निर्देश दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘हमारा विचार है कि गतिरोध समाप्त होना चाहिए और निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए। इस न्यायालय का विचार है कि इस गड़बड़ी को दूर करने के लिए इस अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति नागेश्वर राव एक सदस्यीय समिति का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किए जाने के वास्ते उपयुक्त होंगे।’’
न्यायालय ने कहा कि यदि न्यायमूर्ति राव को कुछ न्यायिक निर्देशों की आवश्यकता होती है, तो मामले को उस सीमित उद्देश्य के लिए पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जा सकता है। इसने यह भी कहा कि शीर्ष अदालत सभी खेल संघों की निगरानी नहीं कर सकती।
एसोसिएशन के कामकाज से जुड़े अन्य पहलुओं पर शीर्ष अदालत दो मार्च को मामले की अगली सुनवाई करेगी।
पीठ उस मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें एसोसिएशन ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक वर्मा को अपना लोकपाल और नैतिकता अधिकारी नियुक्त किया था।
न्यायमूर्ति वर्मा की नियुक्ति को बरकरार रखने वाले तेलंगाना उच्च न्यायालय के आदेश को कुछ राज्य क्रिकेट क्लबों द्वारा चुनौती दिए जाने के बाद यह मामला शीर्ष अदालत में आया था।
पीठ मंगलवार को मामले में समय पर चुनाव कराने संबंधी अर्जियों पर सुनवाई कर रही थी।
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