देश की खबरें | न्यायालय ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए बने कानून का अनुपालन सुनिश्चित करने का राज्यों को दिया निर्देश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने दिव्यांगों के लिए कल्याणकारी कानून के कार्यान्वयन की स्थिति को ‘निराशाजनक’ बताते हुए सोमवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का अनुपालन 30 सितंबर तक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
नयी दिल्ली, 17 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने दिव्यांगों के लिए कल्याणकारी कानून के कार्यान्वयन की स्थिति को ‘निराशाजनक’ बताते हुए सोमवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का अनुपालन 30 सितंबर तक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कानून के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए मुख्य आयुक्त नियुक्त करने का भी निर्देश दिया।
शीर्ष अदालत ने कहा कि कानून के कार्यान्वयन की स्थिति ‘देश भर में निराशाजनक स्तर’ की ओर इशारा करती है।
यह अधिनियम दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) को रोजगार और अन्य कल्याणकारी उपायों में आरक्षण के अलावा समानता और गैर-भेदभाव का अधिकार प्रदान करता है।
शीर्ष अदालत दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार सुनिश्चित करने संबंधी एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इससे पहले, इसने केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को देशभर में इस कानून के कार्यान्वयन के संबंध में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।
पीठ ने कहा, "हम राज्य सरकारों को 30 सितंबर से पहले अधिनियम के प्रावधानों का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं। मुख्य आयुक्तों की नियुक्ति 31 अगस्त तक की जानी है।"
इसने कहा कि केंद्रीय मंत्रालय को सभी राज्य सरकारों और संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय करना होगा तथा एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर के लिए निर्धारित की गयी है।
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