देश की खबरें | अदालत ने सुब्रमण्यम स्वामी को सरकारी बंगला संपदा अधिकारी के हवाले करने का निर्देश दिया

नयी दिल्ली, 14 सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी को छह सप्ताह के भीतर अपने सरकारी बंगले का कब्जा संपदा अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने कहा कि बंगले का आवंटन पांच साल के लिए किया गया था और वह अवधि समाप्त हो गई है। न्यायाधीश ने कहा कि अदालत को ऐसी कोई सामग्री नहीं दिखाई गई है जो जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के लिए सरकारी आवास के आवंटन को अनिवार्य करती है।

उच्च न्यायालय ने उसी बंगले के दोबारा आवंटन के अनुरोध वाली स्वामी की याचिका का निपटारा किया, जो उन्हें 15 जनवरी 2016 को आवंटित किया गया था और खतरे के मद्देनजर स्वामी तब से वहां रह रहे हैं।

न्यायाधीश ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि उस आवासीय परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त व्यवस्था की जाए, जहां अब याचिकाकर्ता निवास करेंगे।

राज्यसभा के सदस्य के रूप में स्वामी का कार्यकाल 24 अप्रैल, 2022 को समाप्त हो गया था।

स्वामी की ओर से पेश वकील ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, जो जेड श्रेणी की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, मूल रूप से उन्हें आवंटित आवास का दोबारा आवंटन उनके पक्ष में किया जाये।

अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर रखे गए दस्तावेज यह बताते हैं कि याचिकाकर्ता के सुरक्षा जोखिम के आधार बंगला आवंटित किया गया था, जिसे उस समय पर अधिकारियों द्वारा किए गए आंकलन के आधार पर तय किया गया था।

सरकार का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कहा कि स्वामी को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन ऐसी सुरक्षा प्राप्त करने वाले व्यक्तियों से जुड़ी नीतियां और दिशानिर्देश सरकार को ‘सामान्य पूल’ से आवास प्रदान करने के लिए बाध्य नहीं करते हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)