मंगलुरु (कर्नाटक), 16 नवंबर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्यासी और उडुपी पेजावर मठ के प्रमुख श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ ने बृहस्पतिवार को कहा कि 22 जनवरी को भगवान श्री राम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के एक दिन बाद श्रद्धालु अयोध्या में श्री राम मंदिर में दर्शन कर सकेंगे।
संवाददाताओं को यहां संबोधित करते हुए तीर्थ ने कहा कि 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में ‘अभिजीत मुहूर्त’ में मंदिर में मूर्ति स्थापित की जाएगी। सुरक्षा कारणों से उद्घाटन के दिन केवल आमंत्रित अतिथियों को ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी।
स्वामी ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद राम मंदिर के निर्माण से भारतीयों का सपना साकार हो रहा है।
प्रधानमंत्री द्वारा मंदिर के उद्घाटन को देश के सभी राम मंदिरों में श्रद्धालु देख सकेंगे।
संत ने कहा कि मंदिर के अभिषेक की रस्में उद्घाटन से पांच दिन पहले शुरू हो जाएंगी। राम की मूर्ति की ऊंचाई पांच-छह फुट है और इसे मूर्त रूप दिया जा रहा है तथा 17 जनवरी को इसे शोभायात्रा के जरिए सरयू नदी तक ले जाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अभिषेक के बाद मूर्ति को मंदिर लाया जाएगा। 18 जनवरी को इसे मंदिर के गर्भगृह में रखा जाएगा। उसी दिन से अगले तीन दिनों तक विभिन्न अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। धर्मगुरु ने कहा कि 21 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अगले 48 दिनों तक विभिन्न अनुष्ठान जारी रहेंगे, इस दौरान भक्त अयोध्या में मंदिर के दर्शन कर सकेंगे।
पेजावर के संत ने ट्रस्ट के अन्य सदस्यों के साथ 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी और उन्हें उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि इस बड़े आयोजन के लिए अयोध्या में तैयारियां जोरों पर हैं।
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