ताजा खबरें | समिति ने स्थानीय प्रशासन की सलाह के बिना सीमित ऊंचाई वाले सबवे बनाये जाने का संज्ञान लिया

नयी दिल्ली, 20 जुलाई संसद की एक समिति ने स्थानीय जिला प्रशासन से परामर्श के बिना रेल लेवल क्रॉसिंग (एलसी) हटाकर उनकी जगह सीमित ऊंचाई के भूमिगत पारपथ (एलएचएस) बनाये जाने के कुछ मामलों पर संज्ञान लेते हुए बुधवार को कहा कि खराब पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन के साथ इस तरह की परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार लोगों से स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए।

लोक लेखा समिति (पीएसी) ने रेल मंत्रालय से संबंधित एलएचएस के निर्माण और उपयोगिता पर लोकसभा में पेश रिपोर्ट में हैरानी जताते हुए कहा है कि रेलवे बोर्ड ने संबंधित जिला प्रशासन के परामर्श से लेवल क्रॉसिंग को हटाने के काम की सलाह दी थी लेकिन बिना जिला प्रशासन की सलाह के इसे बंद कर उनकी जगह सीमित ऊंचाई के भूमिगत पारपथ बना दिये गये।

समिति की राय है कि रेलवे प्रबंधन ने परियोजनाओं को अंतिम रूप देते हुए सभी दिशानिर्देशों का ध्यान रखा होता और सभी जमीनी स्तर के कारकों पर विचार किया होता तो बेकार के खर्च से बचा जा सकता था।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि खराब पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन के साथ इस तरह की परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार लोगों से स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए।

समिति ने रेलवे भूमिगत पारपथ में जल जमाव के मुद्दे पर भी संज्ञान लिया और मंत्रालय को ‘खराब व्यवहार्यता अध्ययन’ के आधार पर परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिये जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया ।

रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने इस बात को लेकर भी नाखुशी जतायी कि नागपुर डिविजन में एलएच-51 के मामले में करीब 30 लाख रूपये खर्च किये गए हैं जहां वरिष्ठ खंड इंजीनियर (वर्क्स) ने धन खर्च किये जाने बाद जलजमाव की समस्या पायी । समिति ने ऐसे सभी मामलों में जिम्मेदारी तय करने की सिफारिश की है।

दीपक वैभव

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