भोपाल, 29 मई मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि उन्होंने उज्जैन में ‘श्री महाकाल लोक’ गलियारे की कुछ मूर्तियों के तेज आंधी के कारण क्षतिग्रस्त होने के मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में ‘श्री महाकाल लोक’ गलियारे की छह मूर्तियां रविवार दोपहर आयी तेज आंधी के चलते गिरकर टूट गई थीं। ये टूटी मूर्तियां वहां स्थापित किये गये सप्त ऋषियों में से छह की हैं और करीब 10 फुट ऊंची थीं।
चौहान ने केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं इस मामले की जांच करा रहा हूं और रिपोर्ट मांगी है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त हुई मूर्तियां फाइबर से बनी थीं। उन्होंने कहा कि ऐसी जगहों पर पत्थर की भारी आकृतियां बनाना संभव नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 11 अक्टूबर को 900 मीटर लंबे ‘‘श्री महाकाल लोक’’ गलियारे के पहले चरण का लोकार्पण किया था। कुल 856 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पहले चरण में ‘श्री महाकाल लोक’ को 351 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर का मंदिर उज्जैन में स्थित है। यहां देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
‘श्री महाकाल लोक’ गलियारे की छह मूर्तियां तेज आंधी के कारण गिरकर टूटने के मामले में प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। रविवार को हुई इस घटना के बाद कांग्रेस ने राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था और निर्माण की 'घटिया' गुणवत्ता की जांच की मांग की थी।
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