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Jammu and Kashmir: संघर्ष विराम को बनाए रखा जाना चाहिए, लोग शांति चाहते हैं; उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर बनी सहमति कायम रहनी चाहिए क्योंकि सीमावर्ती इलाकों के लोग शांति से रहना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी चाहते हैं कि संघर्ष विराम बरकरार रहे. यहां से दूर नोएडा और बंबई में बैठे टीवी चैनलों के कुछ एंकर ही संघर्ष विराम को पसंद नहीं करते.

Jammu and Kashmir: संघर्ष विराम को बनाए रखा जाना चाहिए, लोग शांति चाहते हैं; उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर, 13 मई : जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर बनी सहमति कायम रहनी चाहिए क्योंकि सीमावर्ती इलाकों के लोग शांति से रहना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी चाहते हैं कि संघर्ष विराम बरकरार रहे. यहां से दूर नोएडा और बंबई में बैठे टीवी चैनलों के कुछ एंकर ही संघर्ष विराम को पसंद नहीं करते.’’ अब्दुल्ला ने कुपवाड़ा जिले के तंगधार इलाके में संवाददाताओं से कहा, ‘‘सीमाओं या नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास रहने वाले लोग और जिन्होंने जम्मू और श्रीनगर में स्थिति देखी है, वे संघर्ष विराम चाहते हैं. यह अच्छी बात है. यह संघर्ष विराम बरकरार रहना चाहिए.’’ मुख्यमंत्री उत्तरी कश्मीर जिले के गोलाबारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘जिला प्रशासन क्षति का आकलन करेगा और फिर जो भी मुआवजा देने की आवश्यकता होगी, हम उन्हें देंगे.’’ अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार लोगों के लिए व्यक्तिगत बंकर बनाने की नीति तैयार करेगी.

उन्होंने कहा, ‘‘सामुदायिक बंकर बनाए गए थे, लेकिन उनका लंबे समय तक उपयोग नहीं किया गया था. विगत वर्षों से कोई नया बंकर नहीं बना है. मैं जहां भी गया, लोगों ने कहा कि हमें व्यक्तिगत बंकर बनाने चाहिए.’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार इस पर एक नीति तैयार करेगी. नियंत्रण रेखा तथा सीमा के नजदीक स्थित इन क्षेत्रों के लोगों के लिए एक योजना तैयार की जाएगी और फिर इसे केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा.’’ अब्दुल्ला ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें राहत का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘तंगधार के गोलाबारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और उन परिवारों से मुलाकात की जिन्होंने गहरी पीड़ा के बावजूद सराहनीय साहस दिखाया है.’’ यह भी पढ़ें : जम्मू कश्मीर के अस्पताल ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अनुपस्थित रहे कर्मचारियों का वेतन रोका

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उनका स्थिति के अनुसार खुद को ढाल लेना प्रेरणादायक है. सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, उनका दर्द अनदेखा नहीं किया जाएगा, तथा उन्हें सम्मान और नई उम्मीद के साथ अपना जीवन फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए हरसंभव कदम उठाया जाएगा.’’ उमर ने इलाके में सामुदायिक बंकर के सवाल पर कहा, ‘‘ये ढांचे संकट के समय में जीवन रेखा होते हैं. हम सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले अपने लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए ऐसे और अधिक सुरक्षित स्थानों का निर्माण सुनिश्चित करेंगे.’’

(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2025 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).