शीर्ष अदालत पत्नियों को छोड़नेवाले एनआरआई पतियों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी याचिका पर जुलाई में करेगी सुनवाई
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह उस याचिका पर जुलाई में सुनवाई करेगा जिसमें पत्नियों को छोड़ने वाले और दहेज के लिए उन्हें परेशान करनेवाले प्रवासी भारतीय (एनआरआई) पतियों की आवश्यक गिरफ्तारी का आग्रह किया गया है।
नई दिल्ली, 22 मार्च: उच्चतम न्यायालय (Supreme court) ने सोमवार को कहा कि वह उस याचिका पर जुलाई में सुनवाई करेगा जिसमें पत्नियों को छोड़ने वाले और दहेज के लिए उन्हें परेशान करनेवाले प्रवासी भारतीय (एनआरआई) पतियों की आवश्यक गिरफ्तारी का आग्रह किया गया है. यह भी पढ़े: Kerala: BJP-NDA के तीन उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने के विरुद्ध दायर याचिका खारिज
पीठ ने कहा कि वह मामले को जुलाई के लिए सूचीबद्ध कर रही है. गैर सरकारी संगठन ‘प्रवासी लीगल सेल’ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगडे ने कहा कि उन्होंने मामले में अलग से एक याचिका दायर की है और मुद्दे पर वे अदालत की मदद करना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि मामले में नोटिस जारी किया जाए. पीठ ने दोनों याचिकाओं पर नोटिस जारी कर दिया. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की ओर से पेश एक वकील ने कहा कि उन्होंने भी मामले में अलग से याचिका दायर की है और इसपर नोटिस जारी किया जाए.
शीर्ष अदालत ने 13 नवंबर 2018 को संबंधित याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया था जिसमें आग्रह किया गया है कि परित्यक्त महिलाओं को कानूनी और वित्तीय मदद मिलनी चाहिए तथा उनके एनआरआई पतियों को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
एनआरआई पतियों द्वारा छोड़ी गईं और उनके द्वारा दहेज उत्पीड़न की शिकार हुईं महिलाओं के एक समूह ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर अलग रह रहे अपने पतियों की आवश्यक गिरफ्तारी और विदेश में मुकदमा लड़ने के लिए दूतावास संबंधी मदद सहित अन्य राहत मांगी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 22, 2021 04:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

