देश की खबरें | शीर्ष अदालत ने एएफटी का आदेश रद्द किया, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल को आरोपों से बरी किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने एक पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल को सेवा से बर्खास्त करने के सशस्त्र बल अधिकरण (एएफटी) के आदेश को बुधवार को रद्द कर दिया और उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल को सेना खरीद संगठन द्वारा राशन की खरीद से संबंधित आरोपों पर गठित ‘जनरल कोर्ट मार्शल’ (जीसीएम) ने दोषी पाया था।

नयी दिल्ली, 23 मार्च उच्चतम न्यायालय ने एक पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल को सेवा से बर्खास्त करने के सशस्त्र बल अधिकरण (एएफटी) के आदेश को बुधवार को रद्द कर दिया और उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल को सेना खरीद संगठन द्वारा राशन की खरीद से संबंधित आरोपों पर गठित ‘जनरल कोर्ट मार्शल’ (जीसीएम) ने दोषी पाया था।

शीर्ष अदालत ने जीसीएम के फरवरी 2011 के आदेश को भी रद्द कर दिया है, जिसने उन्हें कुछ आरोपों में दोषी पाया था और उनपर दंड लगाया था।

न्यायमूर्ति एल एन राव और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने कहा कि एटीएफ द्वारा रिकॉर्ड किए गए निष्कर्ष, रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री से ‘पूरी तरह से विपरीत’ हैं।

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को दोषी ठहराने वाले और उन पर दंड लगाने वाले जीसीएम के 18 फरवरी 2011 के आदेश को और एएफटी के 10 अक्टूबर 2013 के आदेश को रद्द किया जाता है।

पीठ ने कहा, “ याचिकाकर्ता को उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी किया जाता है।”

पीठ ने निर्देश दिया कि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल कानून के अनुसार सभी पेंशन और परिणामी लाभों के हकदार होंगे और ऐसे लाभों के बकाये की गणना की जाएगी और उनका तीन महीने के भीतर भुगतान किया जाएगा।

शीर्ष अदालत ने अपना फैसला केंद्र और अन्य की ओर से दायर अपील पर दिया है जिनमें एएफटी के चंडीगढ़ क्षेत्रीय पीठ के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें 10 अक्टूबर 2013 का आदेश शामिल है, जिसने तीन साल के कठोर कारावास को कम किया था और लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एस के साहनी को सेवा से बर्खास्त किया था।

पीठ ने सेवानिवृत्त अधिकारी की ओर से दायर याचिका पर भी फैसला सुनाया है, जो मूल रूप से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में दायर की गई थी, जिसे शीर्ष अदालत में 2016 में स्थानांतरित किया गया था।

उसने रेखांकित किया कि साहनी दिसंबर 1967 में भारतीय सेना में शामिल हुए और मई 2003 में उन्हें लेफ्टिनेंट जनरल पर पदोन्नति दी गई।

इसके बाद उन्हें आपूर्ति एवं परिवहन का महानिदेशक नियुक्त किया गया, जो एक फरवरी 2005 से प्रभावी हुआ।

पीठ ने कहा कि चार अप्रैल 2005 को आपूर्ति एवं परिवहन महानिदेशालय को गुमनाम शिकायत मिली। इसके बाद पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन- चीफ के निर्देश पर अनुबंध के आधार पर ‘काबुली चने’ की खरीद समेत सात आरोपों की जांच के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (सीओआई) के आदेश दिये गये।

सीओआई ने अधिकारी के खिलाफ सिर्फ फटकार की सिफारिश की थी जबकि अन्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी।

बहरहाल, सैन्य कमांडर के निर्देश पर साहनी का नाम अनुशासनात्मक कार्रवाई की सूची में शामिल किया गया। पीठ ने कहा कि 30 सितंबर 2006 को 60 साल के होने पर वह सेवानिवृत्त हो गए।

बहरहाल, शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि एएफटी का यह निष्कर्ष कि अधिकारी की ओर से धोखाधड़ी करने का इरादा था, न्यायसंगत नहीं है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

LSG vs KKR, IPL 2026 38th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच रोमांचक मुकाबला. इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

RR vs SRH, IPL 2026 36th Match Scorecard: जयपुर में सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से रौंदा, ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने जड़ा ताबड़तोड़ अर्धशतक; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

LSG vs KKR, IPL 2026 38th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 38वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर जीत की राह पर लौटना चाहेगी लखनऊ सुपर जायंट्स, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू

CSK vs GT, IPL 2026 37th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा चेन्नई सुपर किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस के बीच रोमांचक मुकाबला. इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी